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World Tuberculosis Day 2022: टीबी या क्षयरोग क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण

World Tuberculosis Day 2022: टीबी या क्षयरोग क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण


Tuberculosis Symptoms and Causes: आज ‘विश्व तपेदिक दिवस’ (World Tuberculosis Day 2022) है. हर साल की तरह इस वर्ष भी टीबी या ट्युबरकुलोसिस रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई कैंपेन, कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. प्रत्येक वर्ष ‘वर्ल्ड टीबी डे’ को अलग-अलग थीम के तहत मनाया जाता है. इस बार की थीम ‘इनवेस्ट टू एंड टीबी, सेव लाइव्स’ (Invest to End TB, Save Lives) है. टीबी यानी क्षय रोग (Tuberculosis) से दुनिया भर में हर साल लाखों लोग की मौत हो जाती है. भारत में भी टीबी के मरीजों की संख्या काफी अधिक है, इसकी वजह है लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता, जानकारी की कमी. आइए जानते हैं क्या है क्षय रोग या टीबी, इसके लक्षण, कारण यहां.

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क्या है ट्युबरकुलोसिस या टीबी
टीबी को क्षयरोग, तपेदिक या फिर ट्युबरकुलोसिस भी कहते हैं. यह एक गंभीर रूप से होने वाला संक्रामक बैक्टीरियल डिजीज है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है. हालांकि, यह शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी हो सकता है. माइकोबैक्टीरियम ट्युबरकुलोसिस बैक्टीरिया (Mycobacterium Tuberculosis) के कारण यह बीमारी होती है. जब संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तब टीबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया फैलते हैं.

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कैसे होते हैं टीबी के लक्षण
मायोक्लिनिक में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, दो तरह के टीबी इंफेक्शन हो सकते हैं इनएक्टिव टीबी और एक्टिव टीबी. इनएक्टिव टीबी में आपको इंफेक्शन होगा, लेकिन शरीर में मौजूद बैक्टीरिया इनएक्टिव होते हैं, जिसमें लक्षण नहीं होते हैं और ना ही ये संक्रामक होते हैं. वहीं, एक्टिव टीबी आपको बीमार कर सकती है. अधिकतर मामलों में यह दूसरों से फैल सकती है. यह टीबी बैक्टीरिया से संक्रमित होने के हफ्तों या वर्षों बाद हो सकता है. तपेदिक का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से संक्रमित अधिकांश लोगों में लक्षण नहीं होते हैं. जब लक्षण नजर आते हैं, तो उनमें आमतौर पर खांसी (कभी-कभी खून वाली खांसी), वजन कम होना, रात को पसीना आना, बुखार होता है. जिन लोगों में लक्षण नजर नहीं आते हैं, उन्हें कई बार उपचार की आवश्यकता नहीं होती है. एक्टिव लक्षणों वाले व्यक्तियों में तीन या उससे ज्यादा सप्ताह खांसी होना, थकान, बुखार, ठंड महसूस होना, अचानक वजन कम होना, खांसी में बलगन या खून आना, सीने में दर्द, सांस लेने या खांसने में दर्द, रात में पसीना आना, भूख में कमी. सप्ताह से मरीजों को कई तरह की एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए इलाज किया जाता है और ये दवाएं कई महीने चलती हैं.

टीबी के रिस्क फैक्टर, इलाज
किसी को भी टीबी या तेपदिक की बामारी हो सकती है, लेकिन निम्न परिस्थितियों में इसके होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है. उन जगहों पर यात्रा करना या रहना, जहां टीबी की बीमारी सबसे अधिक होती है जैसे एशिया, अफ्रीका रूस, लैटिन अमेरिका, पूर्वी यूरोप. एल्कोहल का सेवन अधिक करना, तंबाकू का इस्तेमाल, उनके साथ अधिक समय बिताना, जिन्हें यह रोग है, हेल्थ केयर में काम करने वाले लोगों को होता है रिस्क. आपको जो भी दवाएं दी गई हैं, उन्हें प्रतिदिन सही समय पर खाएं. एक भी डोज स्किप करना यानी दोबारा से मेडिकेशन की शुरुआत करना. दवाएं स्किप करने से टीबी बैक्टीरिया म्यूटेशन विकसित करते हैं, जो उन्हें सबसे प्रभावकारी टीबी ड्रग्स में जिंदा बचने का मौका देता है.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle



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