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Prostate Cancer: प्रोस्टेट कैंसर की समस्या से दूर रहने के लिए ये 5 योगासन हैं बड़े काम के, जानें इनके बारे में

Prostate Cancer: प्रोस्टेट कैंसर की समस्या से दूर रहने के लिए ये 5 योगासन हैं बड़े काम के, जानें इनके बारे में


हाइलाइट्स

राब लाइफस्टाइल और तनाव के चलते प्रोटेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं
योगासन के जरिए प्रोटेस्ट कैंसर की आशंका को कम किया जा सकता है
धनुरासन और उत्तानपादासन को नियमित तौर पर करने से प्रोटेस्ट मजबूत होता है

How to Prevent Prostate Cancer: प्रोटेस्ट कैंसर तेजी से फैलते कैंसर का ऐसा रूप है जो हर साल लाखों पुरुषों को अपना शिकार बना रहा है. किसी पुरुष के प्रोस्टेट में कैंसर फैलानी वाली कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होती है तो वहां ट्यूमर बन जाता है, इसे ही प्रोस्टेट कैंसर कहा जाता है. जब ये कोशिकाएं बॉडी के अन्य अंगों में फैलने लगती हैं तो ये स्थिति घातक हो जाती है. प्रोटेस्ट की बात करें तो यह पुरुषों के पेट के निचले हिस्से में पाई जाने वाली अखरोट के आकार की एक ग्रंथि है जो वीर्य का उत्पादन करती है.

कई अध्ययन कहते हैं कि बचाव के अलावा योगासन वो उपाय हैं जिनके दैनिक अभ्यास से प्रोटेस्ट कैंसर से दूर रहा जा सकता है. हेल्थलाइन की खबर के अनुसार जो लोग नियमित तौर पर योग करते हैं उनमें प्रोटेस्ट कैंसर के विकसित होने की आशंका कम होती है. इसलिए सभी पुरुषों को अपने दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करना चाहिए.

चलिए जानते हैं प्रोटेस्ट कैंसर से बचने के लिए और प्रोटेस्ट ग्रंथि को मजबूत रखने के लिए कौन कौन से योगासन प्रभावशाली कहे गए हैं.

प्रोस्टेट को हेल्दी रखने के लिए 5 असरदार योगासन

धनुरासन
धनुरासन कमर के नीचे की मांसपेशियों और प्रोटेस्ट ग्रंथि को मजबूत करने का काम करता है. इसके नियमित अभ्यास से प्रोटेस्ट ग्रंथि का आकार नहीं बढ़ता और प्रोटेस्ट कैंसर की आशंका भी कम होती है.

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अर्धमत्येंद्रासन
यह आसन पुरषों के वीर्यमात्र को साफ रखता है और प्रोटेस्ट को स्वस्थ रखता है. पेट की चर्बी कम करने के साथ साथ ये पाचन तंत्र को भी मजबूत रखता है. इसे नियमित तौर पर करने से लीवर और किडनी की समस्या भी दूर होती है.

गोमुखासन
गोमुखासन प्रोटेस्ट ग्रंथि को मजबूत करता है. इसे नियमित तौर पर करने से मूत्र मार्ग के ब्लॉकेज खुल जाते हैं जिससे बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि वापिस अपने आकार में आ जाती है. इसे योग प्रशिक्षक से सीखने के बाद नियमित तौर पर इसका अभ्यास करने से मूत्र संबंधी समस्याएं भी कम होती हैं.

उत्तानपादासन
इस आसन की मदद से प्रोटेस्ट ग्रंथियां मजबूत होती हैं और शरीर की मांसपेशियों को बल मिलता है.

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योगमुद्रासन
प्रोटेस्ट ग्रंथि को मजबूत और स्वस्थ रखने में योगमुद्रासन काफी फायदेमंद कहा जाता है. साथ ही यह पेट के नीचे की मांसपेशियों को भी ताकतवर बनाता है और ब्लैडर संबंधी बीमारियों को भी दूर रखने में सहायक है.

Tags: Cancer, Health, Lifestyle



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