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Prevention Tips of UTI: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में नजर आते हैं ये लक्षण, ऐसे करें ठीक

Prevention Tips of UTI: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में नजर आते हैं ये लक्षण, ऐसे करें ठीक


Prevention tips of UTI: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या यूटीआई (UTI) यूरिनरी सिस्टम के किसी भी हिस्से में होने वाला एक प्रकार का संक्रमण है. यह किडनी, मूत्रवाहिनी (Ureters), मूत्राशय (Bladder) और मूत्रमार्ग (Urethra) में होता है. अधिकांश संक्रमणों में निचला मूत्र पथ (Lower urinary tract) मूत्राशय और मूत्रमार्ग शामिल होता है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई होने का खतरा अधिक होता है. ब्लैडर तक इंफेक्शन होने में आपको दर्द, जलन हो सकता है, लेकिन जब यूटीआई संक्रमण किडनी में पहुंच जाए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. इसका इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए होता है.

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यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के लक्षण
मायोक्लिनिक में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, यूटीआई होने पर बार-बार पेशाब जाने का मन करेगा, पेशाब करते समय तेज जलन होगा, पेशाब कम होना, झागदार पेशाब होना, पेशाब का रंग लाल, ब्राइट पिंक या कोला कलर, पेशाब में हल्का खून आना, पेशाब में बदबू आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द आदि लक्षण नजर आ सकते हैं. यूटीआई किस हिस्से में पहुंचा है, इस पर भी लक्षण निर्भर करता है. यदि किडनी में संक्रमण पहुंच चुका है, तो आपको कमर दर्द, तेज बुखार, कंपकंपी, ठंड लगना, उल्टी, जी मिचलाना जैसे लक्षण दिख सकते हैं.

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यूटीआई से बचने के उपाय

  • अधिक तरल पदार्थ पिएं. खासकर पानी का सेवन खूब करें. पानी मूत्र को पतला करने में मदद करता है और यह सुनिश्चित करता है कि आप अधिक बार पेशाब करेंगे. इससे इंफेक्शन शुरू होने से पहले मूत्र पथ से बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद मिलती है. कुछ अध्ययन कहते हैं कि क्रैनबेरी जूस पीने से यूटीआई से बचाव हो सकता है. वैसे सेहत के लिए ये जूस किसी भी तरह से नुकसानदायक नहीं है, इसलिए इसे आप जरूर पी सकते हैं.
  • मल त्याग या पेशाब करने के बाद आगे से पीछे की तरफ धोएं या पोछें. ऐसा करने से गुदा (anal) भाग में मौजूद बैक्टीरिया को योनि और मूत्रमार्ग में फैलने से रोकने में मदद मिलती है.
  • शारीरिक संबंध बनाने के बाद तुरंत पेशाब करें, ताकि ब्लैडर खाली हो जाए. इसके अलावा, बैक्टीरिया को फ्लश करने के लिए एक गिलास पानी भी पिएं.
  • जननांग क्षेत्र में डियोडरेंट स्प्रे या अन्य प्रोडक्ट्स जैसे डाउच (Douches) और पाउडर का उपयोग करने से मूत्रमार्ग में जलन हो सकती है.
  • प्रेग्नेंसी से बचने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों को बदलें. डायफ्राम, बिना चिकनाई वाले या शुक्राणुनाशक-उपचारित कंडोम ये सभी बैक्टीरिया को पनपने में मदद कर सकते हैं.
  • मूत्र संक्रमण होने पर आप एक गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका, आधा चम्मच नींबू का रस, शहद मिलाएं. इस पानी को पीने से यूटीआई को जल्दी ठीक करने में मदद मिलती है. सेब के सिरके में पोटैशियम अधिक होता है, जो बैक्टीरिया को बढ़ने नहीं देता है. एप्पल साइडर वेनेगर शरीर के टॉक्सिक पदार्थ को भी बाहर निकालने में मदद करता है.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle



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