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Number of people complained back and neck pain due to work from home lak – वर्क फ्रॉम होम के कारण 41 फीसदी लोग लोअर बैक पेन से परेशान

Number of people complained back and neck pain due to work from home lak - वर्क फ्रॉम होम के कारण 41 फीसदी लोग लोअर बैक पेन से परेशान


Work from home negative effects: महामारी के इस दौर में हम कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं. लॉकडाउन के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ गया जो अब तक जारी है. लेकिन लाखों लोगों को घर में ही कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. लोग घर से काम करने तो लगे हैं लेकिन इससे कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियां बढ़ने लगी हैं. लोग सोचने लगे कि घर में काम करने से राहत मिलेगी लेकिन इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. आज कई ऐसे लोग हैं जो वर्क फ्रॉम होम के कारण, कमर और गर्दन दर्द, सिर में दर्द जैसी कई परेशानियों से जूझ रहे हैं.

एचटी की खबर में कहा गया है कि पीएमसी लैब की एक स्टडी (Characterization of Home Working Population during COVID-19 Emergency) के मुताबिक वर्क फ्रॉम होम के कारण 41.2 प्रतिशत लोगों ने लोअर बैक पेन (lower back pain) की शिकायत की है.

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गतिहीन लाइफस्टाइल ने बढ़ाई परेशानी
स्टडी में यह भी पाया गया कि घर में अधिक देर तक काम करने के कारण 23.5 प्रतिशत लोगों को गर्दन में दर्द की शिकायत है. जर्नल ऑफ हेड एंड फेस पेन (Journal of Head and Face Pain) में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने, काम के घंटे में वृद्धि, तनाव, सोने के पैटर्न में गड़बड़ी, महामारी के कारण लोगों से अलगाव आदि के कारण वर्क फ्रॉम होम में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा बैठने का खराब पॉश्चर और गतिहीन लाइफस्टाइल ने इस समस्या को और अधिक बढ़ा दिया है. लोअर बैक पेन और नेक पेन के कारण मस्कूलोस्केलटल डिर्सोर्डर (musculoskeletal disorders) होने लगा है.

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लोअर बैक पेन के प्रमुख कारण
नानवटी मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल मुंबई में फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ अली ईरानी ने कहा, ट्रेवल सीमित होना, जिम का बंद होना, स्विमिंग पूल का बंद होना, जॉगिंग ट्रैक का बंद होना, प्लेग्राउंड का बंद होना आदि कई ऐसे कारण हैं, जिससे शारीरिक गतिविधियां बहुत कम हुई है. अब भी लोग अपने पुराने लाइफस्टाइल पर नहीं आए हैं. डॉ ईरानी ने यह भी बताया कि वर्क फ्रॉम होम के कारण लोगों के खान-पान के पैटर्न में बदलाव आया है जिसके कारण डाइजेशन सिस्टम में प्रोब्लम आने लगी है.

काम के ज्यादा दबाव के कारण लोग देर रात को सोने लगे हैं. इसके कारण समय पर सोने के लिए आवश्यक एंजाइम रिलीज नहीं हो रहे हैं. यह कई तरह की परेशानियों को जन्म दे सकती है.
वर्क फ्रॉम होम के कारण काम और घर के बीच लोग संतुलन नहीं बना पा रहे हैं. समय का सामंजस्य ठीक से नहीं हो पाता है. इसलिए लोग तनाव में रहने लगे हैं. इससे मानसिक परेशानी बढ़ने लगी है.

Tags: Health, Lifestyle, Work From Home





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