स्वास्थ्य

Heart attack: दांतों में बार-बार इंफेक्शन भी हो सकता है हार्ट अटैक का कारण

Heart attack: दांतों में बार-बार इंफेक्शन भी हो सकता है हार्ट अटैक का कारण


हाइलाइट्स

दांतों की बीमारियां ज्यादा गंभीर हो जाती है तो इसमें मौजूद बैक्टीरिया हार्ट के व्लड वैसल्स को नुकसान पहुंचाने लगते हैं
इन सबके बावजूद हार्ट से संबंधित लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

Tooth infection and heart disease: दांतों में जब कीड़े लगते हैं तो हम थोड़ा-बहुत एंटीबायोटिक लेकर फिर इसे भूल जाते हैं. लेकिन कई बार दांतों में इंफेक्शन से होने वाली बीमारियां हमें परेशान करने लगती है. ऐसे में अगर दांतों में इंफेक्शन बार-बार आए या ज्यादा दिनों तक कायम रहे तो यह हार्ट को भी नुकसान पहुंचा सकता है. एक अध्ययन में कहा गया है कि यदि दांतों की बीमारियां ज्यादा गंभीर हो जाती है तो इसमें मौजूद बैक्टीरिया हार्ट के व्लड वैसल्स को नुकसान पहुंचाने लगते हैं जिससे हार्ट संबंधित जटिलताएं पैदा हो सकती है और इससे हार्ट अटैक का भी जोखिम बढ़ सकता है. अध्ययन में कहा गया है कि मसूड़ो या दांतों की परेशानी आमतौर पर बैक्टीरिया की वजह से होती है. ये बैक्टीरिया ब्लड वेसल्स में पहुंचकर उसमें इंफ्लामेशन यानी सूजन को बढ़ा सकते हैं. इससे हार्ट से संबंधित जटिलताएं बढ़ सकती है. अध्ययन में दावा किया गया कि अगर मामला गंभीर हो गया तो एंटीबायोटिक का असर भी इन बैक्टीरिया पर नहीं होता और ये बॉडी के इम्यून सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने लगते हैं.

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दांतों की बीमारी से हार्ट अटैक क्यों
हार्वर्ड मेडिकल जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अगर एंटीबायटिक्स का असर इन बैक्टीरिया पर बेअसर होने लगता है तो इससे इम्यून सिस्टम को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है जिसके कारण हार्ट के नाजुक अंगों को नुकसान पहुंचने लगता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कई अध्ययनों में इस बात को स्वीकार किया गया है कि बैक्टीरिया मसूड़ों को संक्रमित कर देता है. इसके कारण गिंगीवाइटिस और पेरियोडोंटाइटिस की बीमारी हो जाती है. ये बैक्टीरिया खून के रास्ते ब्लड वेसल्स में घुस जाते हैं और वहां सूजन पैदा करते हैं. इससे खून की नलियों में छोटे-छोटे ब्लड क्लॉट होने लगता है और यही हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है.

तो क्या सच में दांतों के इंफेक्शन से हार्ट अटैक होता है
इसके लिए शोधकर्ताओं ने हार्ट अटैक के मरीजों के व्लड वैसल में बैक्टीरिया के अवशेष देखें. वहीं ऐसे मामले में एंटीबायोटिक को भी बेअसर होते देखा गया. इसके साथ ही बैक्टीरिया द्वार समस्या से कहीं ज्यादा उस स्थिति में इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है. ऐसे में शोधकर्ताओं ने पाया कि दांतों में इंफेक्शन का सीधा संबंध हार्ट अटैक से तो नहीं है लेकिन अगर इसके साथ स्मोकिंग की लत समस्या को और अधिक बढ़ा सकता है. अध्ययन के नतीजों में यह भी कहा गया कि दांतों में इंफेक्शन का सीधा संबंध दिल से संबंधित जटिलताओं से चाहे नहीं हो लेकिन अगर इसमें सच्चाई भी है तो हमें गहन अध्ययन की जरूरत होगी. कुछ अध्ययनों के आधार पर हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते कि खराब ओरल हेल्थ दिल की बीमारियों की दस्तक है.

हार्ट डिजीज की मुसीबतों से ऐसे बचें
इन सबके बावजूद हार्ट से संबंधित लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. हार्ट से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं. इसके साथ ही हेल्दी डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाएं. सीजनल फल और सब्जियों का सेवन करें. रोजाना फिजिकल एक्टिविटी को आदत बनाएं. स्मोकिंग और अल्कोहल को पूरी तरह बाय कह दें. फैट वाली चीजों से परहेज करें.

Tags: Health, Lifestyle



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