स्वास्थ्य

Health news changes in tongue may cause of disease lak

Health news changes in tongue may cause of disease lak


warning signs on tongue: बीमारी पड़ने पर जब लोग डॉक्टर (Doctor) के पास जाते हैं तो डॉक्टर सबसे पहले जीभ (tongue) निकालने के लिए कहते हैं. अधिकांश लोगों के साथ कम से कम बचपन में ऐसा जरूर हुआ होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि डॉक्टर जीभ निकालने के लिए क्यों कहते हैं. जीभ में छोटे से बदलाव से डॉक्टर कई बीमारियों (Diseases) के संकेत देख लेते हैं. जी हां, डॉक्टर इसीलिए मरीज को सबसे पहले जीभ निकालकर दिखाने के लिए कहते हैं. जीभ की रंगत (color) या इसमें हो रहे बदलाव के आधार पर डॉक्टर दवाई देते हैं. इससे बीमारी ठीक हो सकती है. कुछ अध्ययनों में यह बात साबित हो चुकी है कि जीभ में कैंसर (cancer) और डायबिटीज जैसी बीमारियों के संकेत छिपे हो सकते हैं. यानी जीभ की रंगत से सेहत का हाल पता चल सकता है. तो आइए जानते हैं जीभ में बदलाव किन-किन बीमारियों के संकेत हो सकते हैं.

हेयरलाइन या फर जैसी चीज
मिरर डॉट को डॉट यूके के मुताबिक कभी-कभी जीभ पर ऐसा लगता है कि बाल या फर जैसी चीज चिपक गई है. यह देखने में सफेद, काला या ब्राउन हो सकता है. अगर आपके साथ भी ऐसा है तो यह अच्छी चीज नहीं है. ऐसा तब होता है जब प्रोटीन जीभ पर मौजूद कुदरती गांठों को धारीदार हेयरलाइन में बदल देता है. इसमें बैक्टीरिया फंस सकते हैं जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं.

जीभ का काला होना
कुछ लोगों की जीभ का रंग काला पड़ने लगता है. ऐसा तभी होता है जब आपने एंटासिड टैबलेट लिया है. एंटासिड में बिस्मथ रहता है जो थूक के साथ जीभ की उपरी परत में फंस जाता है. आमतौर पर यह कोई गंभीर या चिंताजनक स्थिति नहीं है और मुंह की सफाई रखने से अक्सर ठीक हो जाती है. हालांकि डायबिटीज के कुछ रोगियों में जीभ का रंग काला हो जाने की समस्या हो सकती है. यदि आपने एंटासिड नहीं लिया है तो आपको डॉक्टर से दिखाने की जरूरत है.

इसे भी पढ़ेंः Lemon Water Side Effects: नींबू पानी का ज्यादा सेवन सेहत को पहुंचा सकता है ये बड़े नुकसान

जीभ का सुर्ख लाल होना
जब जीभ का रंग गुलाबी से हटकर सुर्ख लाल हो जाए तो यह चिंता का कारण हो सकता है. यह कावासाकी (Kawasaki ) बीमारी हो सकती है. इसके अलावा विटामिन 3 की कमी के कारण भी ऐसा हो सकता है. बच्चों में होने वाले कावासाकी रोग में भी जीभ लाल रंग की हो जाती है. इसके अलावा स्कार्लेट फीवर की स्थिति में जीभ का रंग सुर्ख लाल हो सकता है.

जीभ में जलन हो
अगर जीभ में जलन हो तो यह भी अच्छी चीज नहीं है. आमतौर पर यह एसिडिटी के कारण हो सकती है लेकिन कभी-कभी तंत्रिका संबंधी गड़बड़ियों के कारण जीभ में जलन होने लगती है.

इसे भी पढ़ेंः पर्यावरण को ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं नॉन वेज फूड-स्टडी

घाव निकलना
अगर जीभ पर घाव निकल गया है और कई दिनों से ठीक नहीं हो रहा है. खाने-पीने, निगलने में दिक्कत होती है तो यह कैंसर के संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

जीभ पर सफेद धब्बे
अगर जीभ पर सफेद धब्बे या कोटिंग जैसी बनावट दिखे तो यह यीष्ट इंफेक्शन (Yeast infection) हो सकता है. ऐसा बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा देखा जाता है. इसके अलावा जीभ पर सफेद कोटिंग ल्यूकोप्लाकिया के कारण भी हो सकता है. तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक होती है.

Tags: Health, Lifestyle





Source

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top