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Colon cancer: क्या होता है कोलोन कैंसर जिससे फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले हैं पीड़ित, जानिए इसे रोकने के उपाय

Colon cancer: क्या होता है कोलोन कैंसर जिससे फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले हैं पीड़ित, जानिए इसे रोकने के उपाय


हाइलाइट्स

कोलोन कैंसर आमतौर पर बुजुर्गों में होता है लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है.
अधिकांश कोलोन कैंसर छोटे पॉलिप्स (छोटी सूजन) से शुरू होते हैं

Colon cancer: दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले इस समय कोलोन कैंसर से जूझ रहे हैं और यह बढ़कर कोलोरेक्टर कैंसर में बदल गया है. कोलोन कैंसर आमतौर पर बुजुर्गों में होता है लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है. कोलोन का मतलब है बृहतआंत यानी बड़ी आंत. यह मलाशय में खुलता है. अधिकांश कोलोन कैंसर छोटे पॉलिप्स (छोटी सूजन) से शुरू होते हैं. ये पॉलिप्स कोशिकाओं का एक समूह होते हैं. सामान्यतया ये पॉलिप्स नॉन-कैंसरस होते हैं लेकिन समय के साथ, इनमें से कुछ पॉलीप्स कैंसर में विकसित हो सकते हैं. यह कैंसर पहले बड़ी आंत की दीवार में, फिर आसपास के लिंफ नोड्स के साथ रेक्टम में और फिर पूरे शरीर में फैल जाता है. पॉलिप्स बहुत ही छोटे होते हैं. इनमें से बहुत कम से कोई लक्षण दिखता है, इसलिए डॉक्टर समय-समय पर स्क्रीनिंग टेस्ट करने की सलाह देते हैं. कोलोन कैंसर जब मलाशय या रेक्टम से शुरू होता है तब इसे कोलोरेक्टर कैंसर कहते हैं.

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कोलोन कैंसर के लक्षण Symptoms of colon cancer
मायो क्लिनिक वेबसाइट  के मुताबिक कोलोन या कोलोरेक्टर कैंसर के लक्षण इस प्रकार है-

  • मल त्याग की आदतों में लगातार परिवर्तन, डायरिया, कब्ज या स्टूल पास करने में लगातार दिक्कतों का सामना करना.
  • रेक्टम से ब्लीडिंग या स्टूल से ब्लड निकलना.
  • लगातार पेट में दिक्कत महसूस होना, जैसे पेट में क्रैंप, गैस और दर्द.
  • हमेशा यह महसूस होना कि पेट साफ नहीं है या खाली नहीं है.
  • कमज़ोरी और थकान महसूस करना और भूख न लगना.
  • अनावश्यक वजन कम होना.
  • पेट में दर्द या बेचैनी

डॉक्टर के पास कब जाना चााहिए
हालांकि कोलोन कैंसर से पीड़ित लोगों को शुरुआत में किसी भी लक्षण का पता नहीं चलता है. लक्षण भी कैंसर कोशिकाओं के आकार और जगह के अनुसार ही दिखाई देते हैं. इसलिए डॉक्टर 40 के बाद साल में एक बार स्क्रीनिंग टेस्ट की सलाह देते हैं. इसके अलावा यदि आपको पेट संबंधी कोई भी दिक्कत है तो विशेषज्ञ डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए. अगर किसी भी तरह के लक्षण है तब तो हर हाल में डॉक्टर के पास जाना चाहिए. अगर परिवार में किसी को पहले से कोलोन कैंसर है तो समय-समय पर स्क्रीनिंग कराते रहे.

कोलोन कैंसर होने से कैसे रोके

  • अगर आपकी उम्र 40 से ज्यादा है तो हर साल स्क्रीनिंग टेस्ट कराते रहे.
  • लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं. हर तरह के फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें. हरी सब्जियां, फाइबर युक्त फल, सब्जियां आदि को अपनी डाइट में शामिल करें.
  • अगर आप शराब, सिगरेट के आदी हैं तो इसे छोड़ दें. अल्कोहल सेवन को एकदम सीमित कर लें.
  • रोजना शारीरिक रूप से सक्रिय रहे. रोजाना एक्सरसाइज, वॉकिंग, जॉगिंग आदि करते रहे. किसी न किसी तरह से शारीरिक गतिविधियां करते रहे. इससे कई बीमारियों से बचा जा सकता है.
  • वजन को हर हाल में बढ़ने न दें. मोटापा कई बीमारियों की वजह है. 11 प्रकार के कैंसर का संबंध वजन बढ़ने और मोटापे से जोड़ा गया है जिसमें पेट से संबंधित कैंसर भी शामिल है.
  • कैल्शियम और विटामिन डी कोलोन कैंसर से बचाव करता है. इसलिए इन दोनों पोषक तत्वों का पर्याप्त मात्रा में शरीर में होना आवश्यक है. सूर्य की रोशनी और कुछ सब्जियों और मछलियों में विटामिन डी होता है. इसके अलावा दूध, अंडा सहित कई चीजों से कैल्शियम की पूर्ति की जा सकती है.

Tags: Cancer, Health, Health tips, Lifestyle



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