स्वास्थ्य

लिवर ट्रांसप्लांट: 3 मरीज…55 मेडिकल स्टाफ…12 घंटे…6 सर्जरी, भारतीय डॉक्टरों का दुर्लभ कारनामा

लिवर ट्रांसप्लांट: 3 मरीज...55 मेडिकल स्टाफ...12 घंटे...6 सर्जरी, भारतीय डॉक्टरों का दुर्लभ कारनामा


गुरुग्राम: यकृत यानी लिवर (Liver) मानव शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है. लिवर ही भोजन या किसी भी आहार को पचाकर शरीर को जरूरी पोषक तत्व देता है. इसका डिस्टर्ब होना, मतलब स्वास्थ्य का खराब होना. लिवर डैमेज होने पर मनुष्य के लिए जीवन बहुत कठिन हो जाता है, और अधिकतर मौकों पर जानलेवा भी. लेकिन, मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि अब लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी उपलब्ध है. गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के चीफ लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन, डॉ. अरविंदर सोइन और उनकी टीम ने एक दुर्लभ लिवर ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया है, जो भारत में पहली बार संभव हो पाया है.

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मेदांता लिवर ट्रांसप्लांट टीम ने भारत में पहली बार थ्री-वे लिवर ट्रांसप्लांट स्वैप (India’s First Three-way Liver Transplant Swap) या पेयर्ड एक्सचेंज करके 3 मरीजों की जान बचाई है. इस दुर्लभ कारनामे को अंजाम देने में मुख्य सर्जन डॉ. एएस सोइन, डॉ. अमित रस्तोगी और डॉ. प्रशांत भांगुई की भूमिका प्रमुख थी. उनके साथ कुल 55 मेडिकल स्टाफ ने मिलकर इस जटिल लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. डॉ. एएस सोइन के मुताबिक लिवर फेल होने या लिवर कैंसर के लास्ट स्टेज वाले मरीजों को लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है. लेकिन, हर मरीज का लिवर ट्रांसप्लांट को नहीं हो पाता है. कई मरीज आर्थिक रूप से सामर्थ्यवान नहीं होते, तो कई मरीजों को सही लिवर पेयरिंग नहीं मिल पाती.

कैसे संभव हो पाया थ्री-वे लिवर ट्रांसप्लांट?
इसके अलावा कई बार डोनर के लिवर के साइज और मरीज के लिवर के साइज ना मिल पाने की वजह से भी ट्रांसप्लांट संभव नहीं हो पाता. इसके अलावा सेम ब्लड ग्रुप ना मिलना या लिवर डोनर ही ना मिलना, जैसी कई समस्याएं सामने आती हैं. डॉ. सोइन ने बताया कि ऐसे मरीजों की हम एक लिस्ट बनाते हैं और इसे फैमिली 1, फैमिली-2 और फैमिली 3…इत्यादि नाम देते हैं. फिर हम इनमें आप-पास में मैचिंग शुरू करते हैं. सही ब्लड ग्रुप और सही लिवर वॉल्यूम को हम इन फैमिली में मैच करते हैं. इस बार तीन परिवारों ने आपस में लिवर डोनेट किया और 3 मरीजों की जान बच गई. डॉक्टर ने बताया कि फैमिली 1 में ब्लड ग्रुप मैच नहीं हो पा रहा था. फैमिली 2 और 3 का लिवर वॉल्यूम नहीं मैच कर पा रहा था.

उनके मुताबिक इस सर्जरी में फैमिली 1 ने फैमिली 2 के मरीज को लिवर दिया, फैमिली 2 ने फैमिली 3 को और फैमिली 3 के डोनर ने फैमिली 1 को लिवर दिया. एक तरह से आप कह सकते हैं यह थ्री-वे स्वैप 3 अजनबियों के बीच किया गया. मध्य प्रदेश के बिजनेसमैन संजीव कपूर, उत्तर प्रदेश के बिजनेसमैन सौरभ गुप्ता और दिल्ली की गृहणी आदेश कौर को लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत थी. उन सभी का जीवन टर्मिनल लिवर फेल्योर के कारण खतरे में था, और उनकी जान बचाने के लिए तुरंत ट्रांसप्लांट किया जाना जरूरी था. वे डोनर का इंतजार करने की स्थिति में नहीं थे, क्योंकि इसमें एक साल तक का समय लग सकता था. तीनी मरीजों के लिए उनकी फैमिली में ही डोनर थे, पर उनमें से कोई भी उचित मैच नहीं था. मेदांता लिवर ट्रांसप्लांट टीम ने स्वैप सर्जरी से इसे संभव बनाया.

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55 की मेडिकल टीम ने की यह सर्जरी
मेदांता के चीफ लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन, डॉ. अरविंदर सोइन ने अपनी टीम के इस अभूतपूर्व उपलब्धि की सराहना की. उन्होंने बताया कि 55 की मेडिकल टीम, जिसमें डॉक्टर और नर्स शामिल थे, उन्होंने 12 घंटों तक एक साथ 6 ऑपरेशन थियेटरों में काम करते हुए इस थ्री-वे स्वैप लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया. संजीव की डोनर उनकी पत्नी, ब्लड ग्रुप कंपैटिबल थी. उनका आंशिक लिवर संजीव के लिए बहुत छोटा होता. दूसरी तरफ, सौरभ की डोनर उनकी पत्नी और आदेश का डोनर उनका बेटा, दोनों ब्लड ग्रुप कंपैटिबल नहीं थे. पेयर्ड एक्सचेंज इस तरह प्लान किया गया कि तीनों मरीजों को ब्लड ग्रुप कंपैटिबल लिवर मिल सका.

अपने लिवर को ऐसे रखें चुस्त-तंदरुस्त
डॉक्टर सोइन कहते हैं 90% मामलों लिवर डैमेज होने का कारण डायबिटीज, लिपिड प्रोफाइल का बढ़ना और मोटापा है. उन्होंने सलाह दी कि लोग सबसे पहले अपनी डाइट और फास्ट फूड के सेवन को कम करें. एक्सरसाइज करें और शरीर लिपिड प्रोफाइल को कंट्रोल करें. इसके अलावा शराब के सेवन से बचें, जिसका लिवर पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है. साथ ही अब बाजार में हेपेटाइटिस बी के टीके (Hepatitis B vaccine) उपलब्ध हैं, इसे जरूर लगवाएं. उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी, एड्स (AIDS) की तरह फैलता है. हेपेटाइटिस बी और सी दोनों वायरस डिजीज है, और शरीर में खून और फ्लूड से फैलता है. इसलिए हमेशा नए ब्लेड, निडिल का प्रयोग करें. असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचें.

Tags: Liver transplant, Medanta Hospital, Trending news in hindi



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