स्वास्थ्य

मोटापे से बढ़ सकती है गम डिजीज, जानें क्‍या है दोनों के बीच कनेक्‍शन

मोटापे से बढ़ सकती है गम डिजीज, जानें क्‍या है दोनों के बीच कनेक्‍शन


हाइलाइट्स

मोटापा मसूड़ों की बीमारी का कारण भी बन सकता है.
ओरल हाइजीन का ख्‍याल रखकर शरीर की सूजन बढ़ने न दें.

Connection Between Obesity And Gum Disease – मोटापा एक ऐसी समस्‍या है जो कई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स को बढ़ावा दे सकता है. मोटापे से डायबिटीज, कोलेस्‍ट्रॉल, हार्ट प्रॉब्‍लम और हाई बीपी की समस्‍या हो सकती है.लेकिन एक समस्‍या ऐसी भी है जिसका सीधा संबंध मोटापे से है लेकिन लोगों का इस ओर ध्‍यान ही नहीं जाता. वो है गम डिजीज. जी, हां अधिक वजन होने से आपको पीरियडोंन्‍टल बीमारी होने की आशंका कहीं अधिक बढ़ सकती है.ये एक प्रकार का गंभीर गम इंफेक्‍शन है जिसका इलाज समय पर न होने पर हड्डियों को नुकसान और अन्‍य बीमारियों का कारण बन सकता है. गम प्रॉब्‍लम आमतौर पर सूजन संबंधित विकारों के कारण होती है जो मोटापे से ग्रस्‍त लोगों में अधिक है.आखिर मोटापे और गम डिजीज का क्‍या कनेक्‍शन है, चलिए जानते हैं इसके बारे में.

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मोटापे और गम डिजीज के बीच कनेक्‍शन
मोटापे और गम डिजीज के बीच काफी गहरा कनेक्‍शन है. हेल्‍थ डॉट कॉम के अनुसार 23 या उससे अधिक बॉडी मास इंडेक्‍स(बीएमआई) या अधिक वजन वाले लोगों को सामान्‍य वजन वाले लोगों की तुलना में खराब ओरल हेल्‍थ का अनुभव हो सकता है. साथ ही गंभीर मसूड़ों की बीमारी होने की आशंका 4.2 गुना अधिक होती है. वहीं 25 या उससे अधिक बीएमआई वाले मोटे व्‍यक्तियों में औसत वजन वाले लोगों की तुलना में पीरियोडोंटल बीमारी होने की आशंका 5.9 गुना अधिक होती है. 

मोटापा और शरीर में सूजन
मोटापा शरीर में सूजन को बढ़ाता है जो लंबे समय बाद मसूड़ों की बीमारी का कारण भी बन सकता है. शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन बई बीमारियों को जन्‍म दे सकती है जिसमें पीरियोडोंटल डिजीज, हार्ट डिजीज और कई प्रकार के कैंसर शामिल हैं.

पीरियोडोंटल डिजीज और सूजन
मोटापे से संबंधित सूजन को शरीर की इम्‍यूनिटी कम करने के लिए भी जिम्‍मेदार माना जा सकता है. पीरियोडोंटल डिजीज एक संक्रामक बीमारी है. इसका मतलब ये है कि अधिक वजन वाले लोग बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं जिस वजह से उन्‍हें कैविटी की समस्‍या भी हो सकती है. 

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पीरियोडोंटल डिजीज हो सकती है खतरनाक
पीरियोडोंटल डिजीज को कई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स से जोड़ा गया है. इससे स्‍ट्रोक और हार्ट प्रॉब्‍लम का खतरा भी बढ़ जाता है. इसलिए ओरल हाइजीन और वजन को मेंटेन करना बेहद जरूरी है. पीरियोडोंटल डिजीज से दांत खराब हो सकते हैं और यहां तक कि रूमे‍टीइड गठिया भी हो सकता है. इसलिए धूम्रपान, ओवीईटिंग और जंक खाने से बचें.
मोटापा और गम डिजीज का गहरा संबध है. इससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए मोटापे को कम करने का प्रयास करें और ओरल हाइजीन का ध्‍यान रखें. 

Tags: Health, Health problems, Life style



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