स्वास्थ्य

मंकीपॉक्स पर ब्रिटेन ने जारी की नई गाइडलाइन, कहा-बीमारी होने पर यौन संबंध से परहेज करें

दर्जनभर देशों में मंकीपॉक्स का आतंक, इस वायरल संक्रमण के बारे में जान लें ज़रूरी बातें


नई दिल्ली. कोरोना की कहर के बाद दुनिया भर में मंकीपॉक्स को लेकर चिंता होने लगी है. करीब दो दर्जन से ज्यादा देशों में यह बीमारी फैल चुकी है और 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. इन सबको देखते हुए दुनिया भर के देशों ने एहतियात बरतनी शुरू कर दी है. संक्रमित व्यक्तियों को आइसोलेशन में रखा जा रहा है. चूंकि मंकीपॉक्स का वायरस यौन संपर्क के माध्यम से भी एक दूसरे में फैल सकता है, इसलिए ब्रिटेन के हेल्थ अधिकारियों ने नया गाइडलाइन जारी किया है. नई गाइडलाइन के मुताबिक यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण है, तो इसके प्रसार को रोकने के लिए वह व्यक्ति यौन संबंध न बनाएं. गौरतलब है कि ब्रिटेन में एक सप्ताह के अंदर मंकीपॉक्स के 71 नए मामले सामने आए हैं.

8 सप्ताह तक संबंध बनाने से परहेज करें
इस बीमारी में शरीर के किसी भी अंग में छाले, फफोले, अल्सर, फोड़े जैसे रेशेज निकलने लगते हैं. अगर कोई व्यक्ति मंकीपॉक्स के वायरस के संपर्क में आता है तो 21 दिनों तक उसे आइसोलेशन में रहना जरूरी है. शुरुआत में जब यह बीमारी आई तो ज्यादातर मामले गे, बायसेक्शुअल लोगों में देखा गया. यह बीमारी यौन जनित बीमारी नहीं है लेकिन यौन संपर्क से संक्रमित व्यक्ति दूसरे को संक्रमित कर सकता है. हालांकि गाइडलाइन में बताया गया है कि अब तक सेक्शुअल फ्लूड के संपर्क से मंकीपॉक्स होता है या नहीं, इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है लेकिन लोगों को संक्रमित होते ही 8 सप्ताह तक यौन संपर्क कंडोम के माध्यम से बनाना चाहिए.

गाइडलाइन में कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखे तो उसे दूसरे के साथ हर तरह का संपर्क रोक देना चाहिए. खासकर जिन लोगों का नया पार्टनर है, उनके साथ संबंध न बनाएं. इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत लोकल सेक्शुअल हेल्थ सर्विस से संपर्क करें. इससे वायरस का प्रसार रोका जा सकता है. हेल्थ अधिकारियों ने बताया है कि मंकीपॉक्स के प्रसार को रोकने के लिए 20 हजार वैक्सीन की खरीद की गई है. इसे संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क वाले लोगों को दी जाएगी.

अप टू डेट जानकारी जरूरी
नई गाइडलाइन में मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति से भी आग्रह किया गया है कि जब तक उनके घाव ठीक नहीं हो जाते और घाव से पपड़ी सूख नहीं जाती, तब तक वे दूसरों के साथ निकट संपर्क से बचें. हेल्थ प्रोटेक्शन फॉर पब्लिक हेल्थ वेल्स के डाइरेक्टर डॉ गिरि शंकर ने बताया कि हम लोगों को यह आश्वासन देना चाहते हैं मंकीपॉक्स एक लोगों में आसानी से नहीं फैलता है. आम लोगों में इसका जोखिम बहुत कम है. इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन इसका प्रसार रोकने के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हम सभी एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं. इसके लिए लोगों और एजेंसियों में अप टू डेट जानकारी होनी जरूरी है.



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