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फिश खाने के शौकीन हो जाएं सावधान, स्किन कैंसर का हो सकते हैं शिकार ! स्टडी में हुआ खुलासा

फिश खाने के शौकीन हो जाएं सावधान, स्किन कैंसर का हो सकते हैं शिकार ! स्टडी में हुआ खुलासा


हाइलाइट्स

मेलेनोमा कैंसर की वजह से दुनियाभर में हर साल हजारों लोगों की मौत हो जाती है.
मछली को अच्छी तरह फ्राई करने के बाद खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

Eating Fish Increase Cancer Risk: स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी डाइट लेना जरूरी होता है. इसके लिए लोग तरह-तरह की चीजें अपनी डाइट में शामिल करते हैं. कुछ लोग शाकाहारी चीजों से पोषक तत्व प्राप्त करते हैं, तो कुछ बेहतर हेल्थ के लिए नॉन-वेज खाना पसंद करते हैं. बड़ी संख्या में लोग फिश (Fish) खाते हैं और यह कई मायनों में हेल्थ के लिए फायदेमंद भी होती है. हालांकि किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक होता है. एक हालिया स्टडी में खुलासा हुआ है कि फिश खाने वाले लोगों को स्किन कैंसर का खतरा ज्यादा होता है. प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर हो सकता है. इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं.

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इन बातों का हुआ खुलासा

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिपोर्ट के मुताबिक एक हालिया स्टडी में स्किन कैंसर और फिश खाने को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इसमें कहा गया है कि ज्यादा मछली खाने से लोगों में स्किन कैंसर ‘मेलेनोमा’ (Melanoma) का खतरा बढ़ जाता है. यह स्किन कैंसर का सबसे खतरनाक टाइप होता है और इसकी प्रमुख वजह सूरज की नुकसानदायक अल्ट्रावॉयलेट किरणें होती हैं. इस स्टडी से पहले इस कैंसर का खाने-पीने से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया था. नई स्टडी में जो बातें निकलकर आई हैं, वह वाकई हैरान करने वाली हैं. मेलेनोमा कैंसर की वजह से अमेरिका में हर साल 7500 से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है.

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करीब 15 साल तक की गई स्टडी

शोधकर्ताओं ने यह स्टडी अच्छी तरह डिजाइन की थी और इसमें अमेरिका के 6 राज्यों के 5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. इनमें 60% पुरुष और 40% महिलाएं थीं. करीब 15 सालों तक इन लोगों का डाटा इकट्ठा किया गया और फिर निष्कर्ष निकाला गया. स्टडी के परिणाम देखकर खुद शोधकर्ता हैरान रह गए. जिन लोगों ने सबसे ज्यादा मछली का सेवन किया था, उनमें सबसे कम मछली खाने वाले लोगों की तुलना में स्किन कैंसर का खतरा 22 फीसदी ज्यादा था. टूना मछली खाने वाले लोगों में भी खतरा बढ़ा.

फ्राइड फिश खाने से ज्यादा नहीं बढ़ा जोखिम

इस अध्ययन में सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह देखने को मिली कि जिन लोगों ने मछलियों को अच्छी तरह फ्राई करके खाया था, उनमें मेलेनोमा कैंसर का जोखिम काफी कम देखा गया. शोधकर्ता भी इस बात का जवाब नहीं ढूंढ पाए हैं कि आखिर मछली को अच्छी तरह फ्राई करने से यह खतरा कैसे कम हो जाता है. हालांकि पहले की तमाम स्टडी में यह बात सामने आ चुकी है कि जिन मछलियों में मर्करी और आर्सेनिक पाया जाता है, उन्हें खाने से स्वास्थ्य को ज्यादा खतरा होता है.

Tags: Cancer, Fish, Health, Lifestyle, Trending news



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