स्वास्थ्य

न खुशी न गम, इस दवा को खाने के बाद लोग हो जाते हैं ऐसे, वैज्ञानिकों ने खोजा कारण

न खुशी न गम, इस दवा को खाने के बाद लोग हो जाते हैं ऐसे, वैज्ञानिकों ने खोजा कारण


हाइलाइट्स

सेरोटोनिन हार्मोन फील गुड हार्मोन है. इसे लेने के बाद दिमाग में लंबे समय तक फील गुड का एहसास होता है.
जिन लोगों ने एंटी डिप्रेशन की दवाई ली, उनके व्यवहार में आश्चर्यजनक रूप से परिवर्तन हो गया.

Anti-depression side effects-डिप्रेशन किसी भी इंसान के लिए बहुत बुरी स्थिति है. डिप्रेशन में लगातार लोगों में निराश की भावना रहती है. किसी काम में मन नहीं लगता. इसमें हमेशा मूड स्विंग करता रहता है. यह किसी भी व्यक्ति की जीवन की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर देता है. डिप्रेशन के कारण इंसान हमेशा भावनात्मक और शारीरिक परेशानियों में रहता है. ज्यादा डिप्रेशन होने से ब्लड शुगर बढ़ जाता है और हार्ट संबंधी परेशानियां भी बढ़ जाती है. आखिर में जब इसका इलाज कराया जाता है तो डॉक्टर एंटी डिप्रेशन की दवा लेने की सलाह देते हैं. लेकिन एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि एंटी डिप्रेशन की दवा इंसान के भावनाओं को कुंद कर देती है.

ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि एंटी डिप्रेशन की दवा का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट यह है कि व्यक्ति भावनात्मक रूप से कुंद हो जाता है और वह अक्सर खुशी में भी दुखी महसूस करता है.

नकारात्मक भावनाएं भी दब जाती
टेलीग्राफ की खबर में कहा गया है कि अध्ययन के मुताबिक सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (SSRIs) के रूप में जाने जाने वाले सबसे लोकप्रिय एंटीडिप्रेशन की दवा का सामान्य साइ़़ड इफेक्ट यह है कि व्यक्ति किसी चीज का आनंद सही से नहीं ले पाता और नकारात्मक भावनाएं भी दब जाती है. दरअसल, एंटी डिप्रेशन की दवा सेरोटोनिन हार्मोन का बढ़ाता है. सेरोटोनिन हार्मोन फील गुड हार्मोन है. इसे लेने के बाद दिमाग में लंबे समय तक फील गुड का एहसास होता है. लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी है. यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के शोधकर्ताओं ने इस दवा का परीक्षण करने के लिए बिना डिप्रेशन वाले 66 लोगों पर अध्ययन किया. इन्हें तीन सप्ताह तक एंटी डिप्रेशन की दवा एससीटेलोप्राम की गोली दी गई. अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने एंटी डिप्रेशन की दवाई ली, उनके व्यवहार में आश्चर्यजनक रूप से परिवर्तन हो गया. ऐसे लोगों के सामने जब खुशी की बात सामने आई तो इन्होंने कोई खास उत्साह नहीं दिखाया.

खुशी के प्रति भी उत्साह नहीं
अध्ययन में यह भी पाया गया कि एंटीडिप्रेसेंट लेने वाले प्रतिभागियों में रिवार्ड के प्रति भी कोई उत्साह नहीं था. अधिक लाभ प्राप्त करने की स्थिति में भी उनकी प्रतिक्रिया कोई खास नहीं थी. अध्ययन में यह भी देखा कि लंबे समय तक एंटी डिप्रेशन का इस्तेमाल करने पर संबंध बनाने में भी बहुत अधिक खुशी नहीं मिलती. इस अध्ययन की प्रमुख लेखक बारबारा साहाकियान (Barbara Sahakian) ने बताया कि एंटीडिप्रेशन का सबसे सामान्य साइड इफेक्ट भावनात्मक रूप से कुंद हो जाना है. उन्होंने कहा कि शायद एक तरह से ऐसा हो सकता कि जो भावनात्मक दर्द झेला है उसे दूर करने में आनंद का अनुभव होता है लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा लगता है कि इस कारण वह आनंद को भी गंवा देते हैं.

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Tags: Depression, Health, Health tips, Lifestyle



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