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जब नकारात्मक ख्याल ज्यादा आए तो मन को ऐसे करें ट्रेंड, फॉलो करें ये 5 स्टेप्स

जब नकारात्मक ख्याल ज्यादा आए तो मन को ऐसे करें ट्रेंड, फॉलो करें ये 5 स्टेप्स


जीवन में नकारात्मक भावनाएं आना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन अगर ये लंबे समय तक आपके दिमाग में बनी रहती हैं, तो ये शारीरिक समस्या ही नहीं, तनाव संबंधी अन्य विकारों का कारण भी बन सकती हैं. यही नहीं, नेगेटिव फीलिंग्स आपकी सफलता के रास्ते भी बंद कर सकती है. हिंदुस्तान अखबार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, आप अपने मन को नेगेटिव सोच व भावनाओं (Negative Thoughts and Feelings) को छोड़ने के लिए ट्रेंड कर सकते हैं.

इस बारे में क्षमाशीलता पर आधारित प्राचीन जीवन दर्शन ‘हो’ओपोनोपोनो’ (Ho’oponopono) में काफी कुछ बताया गया है. अखबार में हो ओपोनोपोनो विशेषज्ञ डॉ. करिश्मा आहूजा ने बताया है कि आखिर वो कौन सी चीजें हैं, जो हम नेगेटिव माइंडसेट (Negative Mindset) को दूर करने के लिए कर सकते हैं.

हताशा, चिंता या निराशावाद मन में आए तो
डॉ. करिश्मा के अनुसार, जैसे ही आपका मूड चिड़चिड़ापन, गुस्सा, हताशा, चिंता या निराशावाद (Pessimism) की तरफ जाता है, तो ऐसे में तुरंत रुकें. स्थिर बैठ जाएं, कुछ गहरी सांसें लें और अपने आप को शांत करने का प्रयास करें. यदि आप बहुत बेचैनी महसूस करते हैं,  तो अपने चेहरे पर पानी के छींटे मार सकते हैं. कुछ मिनटों के लिए चलना शुरू कर सकते हैं या फिर कुछ शांत और सुकून देने वाला म्यूजिक भी सुन सकते हैं. आपके ये स्टेप्स नेगेटिविटी को मन में बैठने नहीं देंगे.

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खुद से कहें, ‘वह अब मैं नहीं हूं.’
डॉ. करिश्मा के अनुसार, जब आपके दिमाग में चिंता, भय, क्रोध, अपराधबोध या शर्म का कारण बनने वाली बातें आने लगे, तो एक पल के लिए रुकें और उस आवाज से कहे, ‘वह अब मैं नहीं हूं.’ या ‘मुझे इस विचार और भावना की जरूरत नहीं है’, ‘अब और नहीं’. अपने आप से इस तरह से बात करना तब तक जारी रखें जब तक की नकारात्मक विचार दूर ना हो जाएं. इससे आप नेगेटिव भावनाओं का कम अनुभव करेंगे.

दोषारोपण-आलोचना में एक क्षण भी व्यर्थ न गवाएं
प्राचीन जीवन दर्शन हो’ओपोनोपोनो के अनुसार जो आप दूसरों के बारे में जो बोलते हैं, वह आपकी ऊर्जा के बारे में सक्रिय हो जाता है. इसलिए अपने शब्दों को बदलें, दोषारोपण और आलोचना में एक क्षण भी व्यर्थ न गवांए. इसके अलावा क्या अच्छा हुआ इसके बारे में 5 वाक्य बोलें. जो अच्छा नहीं हुआ,  उसके बारे में केवल एक वाक्य बोलें. डॉ करिश्मा के अनुसार, नेगेटिव बातों से आप अपने जीवन में खुद दुख को आमंत्रण देते हैं. इसलिए सुखद शब्द चुनें. वे आपकी स्थितियो में तेजी से सुधार करेंगे. जैसे, ‘मुझे ऐसा करने से नफऱत है, मैं ऐसा नहीं करना चाहता ‘ इन शब्दों की बजाय, मैं कुछ बेहतर करना चाहता हूं’ ऐसे बदलें.

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रोजाना मौन में बैठें
हर स्थिति अपने साथ एक सबक लेकर आती है. अगर कुछ ठीक नहीं हुआ, तो अपने साथ मौन में बैठें और उच्च शक्ति से कहें कि वह स्थिति से सर्वोत्तम तरीके से निपटने के लिए आपका मार्गदर्शन करें. रोजाना मौन में बैठने से आपको अपने साथ अधिक जुड़ाव रखने में मदद मिलेगी. आपको मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जो आपको अधिक पॉजिटिविटी के साथ अपने वांछिंत नतीजे प्राप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका दिखाएगा.

जिनसे नाराजगी है उन्हें क्षमा करें
आक्रोश हमारे शरीर को तनाव में और मन को अराजकता में रखता है. लेकिन इसे अपने वर्तमान विचारों की शक्ति से दूर किया जा सकता है. उन लोगों के बारे में सोचें, जिनके प्रति आप नाराजगी रखते हैं. रोजाना कुछ बार दोहराएं, ‘मैं सभी को क्षमा करना चुनता हूं’ और मानसिक रूप से दूसरों को अच्छे स्वास्थ्य और खुशी का आशीर्वाद दें. इसी के साथ एक अच्छी संगति भी रखें. अपने आप को ऐसे लोगों से घेरना बहुत जरूरी है, जो पॉजिटिव व हंसमुख है. अपने आसपास खुशी वाले चेहरों को देखकर आपको उनके जैसा बनने की प्ररेणा मिलेगी. उनके सकारात्मक शब्द आपके मन, सोचने व बोलने के तरीके को प्रभावित करेंगे.

Tags: Health, Health News, Lifestyle



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