स्वास्थ्य

क्या है ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर? तेजी से बच्चों में बढ़ रहे मामले, जानें इसके लक्षण और कारण

क्या है ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर? तेजी से बच्चों में बढ़ रहे मामले, जानें इसके लक्षण और कारण


What is Autism Spectrum: बदलती जीवनशैली के बीच पिछले कुछ वक्त में कई ऐसी बीमारियां तेजी से फैली हैं जो पहले कभी नहीं सुनने को मिली थीं. ऐसी ही एक बीमारी है ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर. पिछले कुछ महीनों में इस बीमारी के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं. ऑटिज्म स्पेक्ट्रम एक प्रकार की दीमागी बीमारी है जिसमें पीड़ित के व्यवहार पर असर डालती है. यह बच्चे को ज्यादा ट्रिगर करती है. ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के लक्षण में बच्चों में बचपन से ही दिखाई देने लगते हैं. ऐसे में इस बीमारी का समय रहते इलाज कराना जरूरी है नहीं तो यह मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है.

ओनली माय हेल्थ की खबर के अनुसार ऑटिज्म रिसर्च जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि दुनिया भर में हर 10,000 बच्चों में से लगभग 100 बच्चे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) से पीड़ित हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार यह मानसिक बीमारी के लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में चार गुना अधिक पाए गए हैं. एक्सपर्ट की मानें तो पिछले कुछ समय में ऑटिज्म से पीड़ित लोगों की संख्या तीन गुना अधिक हो गई है जो कि काफी चिंता जनक है.

क्या है ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एक प्रकार की डेवलपमेंटल डिसएबिलिटी है जिसमें एक व्यक्ति ठीक प्रकार से कम्यूनिकेट करने और खुद को एक्सप्रेस करने की क्षमता खो देता है. इस बीमारी में दूसरे के व्यवहार और अभिव्यक्ति को समझने की क्षमता कम हो जाती है. इससे पीड़ित लोगों में सामान्य रूप से व्यवहार करने में समस्या होती है.

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के प्रकार
जैसा कि कुछ विशेषज्ञों ने हाल ही में बात की है, ऑटिज्म के तीन अलग-अलग प्रकार हैं जिनमें ऑटिस्टिक डिसऑर्डर, एस्परगर सिंड्रोम और पेरवेसिव डेवलपमेंट डिसऑर्डर शामिल हैं। अब उन सभी को एक ही नाम के तहत जोड़ दिया गया है जिसे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के नाम से जाना जाता है। फिर भी, जब लोग उन्हें अलग-अलग नामों से जानते थे, तो पुराने शब्दों का अर्थ है:

– ऑटिस्टिक डिसऑर्डर या क्लासिक ऑटिज्म
– परवेसिव डेवलपमेंट डिसऑर्डर
– एस्परगर सिंड्रोम

ऑटिज्म के कारण : ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर किन वजहों से होता है फिलहाल अभी तक इस बात का पूरी तरह से पता नहीं चल सका है लेकिन कुछ रिपोर्ट के अनुसार इसके पीछे आनुवांशिकता एक बड़ी वजह है. बच्चों पर UCSF की एक रिसर्च के मुताबिक ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित बच्चों की करीब 50 प्रतिशत माताओं में डिप्रेशन के लक्षण पाए गए थे.

ऑटिज़्म से पीड़ित लोगों में लक्षण
– बच्चों में देर से बोलने का विकास
– एक ही शब्दों को बार बार बोलना
– किसी के बुलाने पर जवाब नहीं देना
– अकेले रहना ज्यादा पसंद करना
– आई कॉनटैक्ट करने से बचना
– एक ही हरकत बार बार करना
– हर दिन एक ही तरह से व्यतीत करना
– किसी भी एक काम या सामान के साथ पूरी तरह व्यस्त रहना
– खुद को चोट लगाना या नुकसान पहुंचाने के प्रयास करना
– दूसरे व्यक्ति की भावनाओं को न समझना.

Tags: Health, Lifestyle



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