स्वास्थ्य

क्या एसिडिटी जानलेवा भी हो सकती है? जानें कब और कैसे

क्या एसिडिटी जानलेवा भी हो सकती है? जानें कब और कैसे


Can acidity be Fatal: आजकल के अनियमित लाइफस्टाइल में एसिडिटी (Acidity) की समस्या होना आम बात है. हर किसी को, किसी ना किसी वक्त एसिडिटी की समस्या से दो-चार होना पड़ता है. जिन लोगों को सामान्य तौर पर एसिडिटी हो जाती है, तो उसकी वजह खाली पेट रहने, तीखा या मसालेदार खाने या फिर ज्यादा खा लेना होती है. कुछ लोगों को सुबह खाली पेट चाय पीने से भी ये समस्या होती है. कई लोगों में जटिलताओं (Complications) का जोखिम कम रहता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें ये समस्या लगातार बनी रहती है. यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि इस समस्या का लगातर बने रहना पेट की गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है.

लगतार एसिडिटी का बने रहना गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) नामक स्थिति का संकेत हो सकता है. हालांकि, जीईआरडी जानलेवा नहीं है, लेकिन अगर इसका सही समय पर इलाज ना किया जाए तो ये अधिक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और जटिलताओं को जन्म दे सकता है. आपको बताते हैं कि क्या है ये बीमारी और इसके लक्षणों को कैसे पहचानें?

जो लोग सप्ताह में दो बार से ज्यादा बार एसिडिटी का अनुभव करते हैं, उनमें जीईआरडी (GERD) हो सकता है, ये एक ऐसी स्थिति है जो अधिक लक्षणों और जटिलताओं से जुड़ी होती है. हेल्थलाइन के मुताबिक, इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं.

– बदबूदार सांस
– छाती में दर्द
– खांसी
– निगलने में कठिनाई (डिस्फेगिया)
– पेट में जलन
– खट्टी डकार
– जी मिचलाना
– उल्टी
– गले में खराश

GERD के कारण किस प्रकार की जटिलताएं हो सकती हैं?
कुछ मामलों में, जीईआरडी कॉम्प्लिकेशंस की वजह बन सकता है और इनमें से कुछ गंभीर भी हो सकते हैं, खासकर अगर उनका इलाज नहीं किया जाता है. इनमें से कई जटिलताएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. ऐसी ही कुछ ज्यादा सीरियसहेल्थ इश्यूज पर करीब से नज़र डालते हैं जो जीईआरडी के कारण उत्पन्न हो सकते हैं.

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एसोफैगिटिस
बार-बार एसिड बनना भोजन-नलिका (esophagus) में सूजन को बढ़ावा दे सकता है, ये एक ऐसी स्थिति जिसे एसोफैगिटिस कहा जाता है. एसोफैगिटिस में निगलने में मुश्किल होती है और कभी-कभी ये काफी दर्दनाक हो जाता है. इसके अन्य लक्षणों में शामिल हैं. गले में खराश,  कर्कश आवाज और पेट में जलन होना. लंबे समय तक इसका बने रहना और ​इलाज न किए जाने की स्थिति में एसोफैगिटिस एसोफेजेल अल्सर और नलिका के सिकुड़ने का कारण बन सकता है. ये एसोफैगल कैंसर के लिए आपके जोखिम को भी बढ़ा सकता है.

एसिडिटी होने वाली से जटिलताओं को कैसे रोकें?

इन चीजों को खाने से बचें
चिकना, वसायुक्त, अम्लीय और मसालेदार भोजन से एसिडिटी होने की संभावना ज्यादा होती है. अन्य खाद्य पदार्थ, जैसे कि पेपरमिंट, टोमैटो सॉस, लहसुन, प्याज, साइट्रस और डार्क चॉकलेट भी एसिडिटी को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं.

अपने खाने की आदतों को बदलें
सोने या लेटने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले खाना खाने की कोशिश करें. इससे आपके पेट को आपके द्वारा खाए गए भोजन को पचाने का समय मिलेगा. इसके अलावा, खाने को छोटे हिस्सों में खाने और धीरे-धीरे चबाने से एसिडिटी को रोकने में मदद मिल सकती है.

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वजन कम करें
आपके शरीर के बीच के हिस्से (पेट-कमर) में अतिरिक्त वजन होने से आपका पेट ऊपर की ओर बढ़ सकता है, जिससे एसिड का आपके भोजन-नलिका (esophagus) में बढ़ना आसान हो जाता है.

शराब और कैफीन को सीमित करें
शराब और कैफीन दोनों ही शरीर में एसिड को बढ़ा सकते हैं.

धूम्रपान छोड़ें
धूम्रपान आपके पेट से आपकी भोजन-नलिका (esophagus) को अलग करने वाले स्फिंक्टर (sphincter) के लिए और अधिक कठिनाई पैदा करता है, जब भोजन आपके पेट में प्रवेश कर जाता है.

सोने का तरीका बदलें
अगर रात में एसिडिटी और हार्टबर्न (Heart Burn) होता है, तो सिरहाने की तरफ से अपने बिस्तर को थोड़ा ऊंचा कर लें, ताकि आपका ऊपरी शरीर आपके पेट से थोड़ा ऊपर हो. आप विशेष पच्चर तकिए (special wedge pillows) भी देख सकते हैं जो कि जीईआरडी वाले लोगों के लिए बने हैं.

ढीले कपड़े पहनें
टाइट-फिटिंग पैंट आपके पेट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं.

Tags: Health, Health News, Lifestyle



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