स्वास्थ्य

कोरोना मरीजों में मौत का खतरा कम करती है गठिया की ये दवा -स्टडी

कोरोना मरीजों में मौत का खतरा कम करती है गठिया की ये दवा -स्टडी


Arthritis medicine reduces risk of Death in Covid : कोरोनावायरस की रोकथाम और बीमारी के पुख्ता इलाज को लेकर पूरी दुनिया में रिसर्च जारी है. अब एक नई स्टडी में ये बात सामने आई है कि अगर कोरोना से अस्पताल में भर्ती मरीज को गठिया में दी जाने वाली दवा दी जाए, तो कोरोना से मौत का रिस्क कम हो सकता है. ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के रिसर्चर्स के नेतृत्व में हुई एक स्टडी में पाया गया है कि सामान्य तौर पर रूमेटाइड गठिया यानी रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली एक दवा हॉस्पिटल में भर्ती कोविड-19 के गंभीर मरीजों की मौत के खतरे को कम कर देती है. रिसर्चर्स ने बताया कि इस दवा का नाम बारिसिटिनिब (Baricitinib) है, जो डेक्सामेथासोन (dexamethasone) और टोसिलिजुमैब (tocilizumab) की तरह ही सूजन को कम करती है.

पहले की स्टडी में पाया जा चुका है कि डेक्सामेथासोन और टोसिलिजुमैब के इस्तेमाल से अस्पताल में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों का खतरा कम हुआ है.

क्या कहते हैं जानकार
ऑक्सफोर्ड पापुलेशन हेल्थ (Oxford Population) में मेडिसिन और एपिडिमियोलॉजी (Medicine and Epidemiology) के प्रोफेसर के सर मार्टिन लैंड्रे (Sir Martin Landray) के अनुसार, ‘ये अच्छी तरह से स्थापित हो चुका है कि अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचने की एक वजह उसकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की जरूरत से ज्यादा सक्रियता भी है…

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परीक्षण में पाया गया कि बारिसिटिनिब की मदद से इलाज करने पर न सिर्फ कोविड के गंभीर मरीजों के बचने की संभावना ज्यादा हुई, बल्कि इसने प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की अति सक्रियता को कम करने के लिए इस्तेमाल की गई डेक्सामेथासोन व टोसिलिजुमैब से अलग लाभ प्रदान किया.’

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WHO ने भी की है सिफारिश
आपको बता दें कि कुछ सप्ताह पहले ही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी कहा था कि उसने कोविड-19 के अस्पताल में भर्ती मरीजों में उपयोग के लिए गठिया के इलाज वाली टोसिलिजुमैब (tocilizumab) को पूर्व योग्यता दी है. स्विस फर्मा दिग्गज रोशे (Roche) की बनाई गई मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कोविड-19 से पीड़ित लोगों में मृत्यु के जोखिम को घटाने में और अस्पताल में कम समय गुजारने में मदद करती है. WHO ने अमेरिका समेत यूरोपीय संघ की तरह पहले से अस्पतालों में गंभीर कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए इसके इस्तेमाल की सिफारिश की है.

Tags: Coronavirus, Health, Health News, Lifestyle



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