स्वास्थ्य

औषधि और मसाला दोनों ही हैं तुलसी, अथर्ववेद में भी है ज़िक्र, पढ़ें इस पौधे से जुड़ी खास बातें

औषधि और मसाला दोनों ही हैं तुलसी, अथर्ववेद में भी है ज़िक्र, पढ़ें इस पौधे से जुड़ी खास बातें


अब तुलसी के गुण सुनिए. भारत के अधिकतर प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में तुलसी की विशेष महत्ता है. चरकसंहिता में वर्णन है कि तुलसी हिचकी, खांसी, विष, श्वांस रोग और पार्श्व शूल (पसलियों में दर्द) को नष्ट करती है. यह पित्त कारक, कफ-वातनाशक तथा शरीर की दुर्गंध दूर करती है. सुश्रुत संहिता में कहा गया है कि तुलसी, कफ, वात, विष विकार, श्वांस-खांसी और दुर्गंध नाशक है. अन्य पौराणिक ग्रंथ भावप्रकाश में कहा गया है कि तुलसी पित्तनाशक, वात-कृमि तथा दुर्गंध नाशक है. पसली का दर्द, अरुचि, खांसी, श्वांस, हिचकी आदि विकारों को जीतने वाली है.



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