हाइलाइट्स
अनहेल्दी डाइट का सेवन एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकता है.
बालासन और अर्ध मत्स्येंद्रासन पेट को स्ट्रांग बनाते हैं और एसिडिटी से राहत दिलाने में मदद करते हैं.
वीरभद्रासन का नियमित अभ्यास एसिड रिफ्लक्स से छुटकारा दिला सकता है.
Best Yogasana to treat Acid Reflux Naturally : चटपटा मसालेदार खाना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन बॉडी और पेट की जरूरतें स्वाद से अलग होती हैं. शराब, फास्ट फूड या फ्राइड, चटपटा और ऑयली फूड खाने के बाद अक्सर पेट में जलन महसूस होती है. ये जलन कई बार गंभीर डायजेस्टिव प्रॉब्लम्स की ओर भी इशारा करती है. खाना डायजेस्ट करने के लिए पेट में एसिड रिलीज होता है जो फूड पाइप तक पहुंचकर जलन का कारण बन सकता है, इसी समस्या को एसिड रिफ्लक्स या एसिडिटी कहते हैं. खाना बॉडी को स्वस्थ रखने का आधार है, और इसी कारण से पेट की समस्याएं पूरे शरीर को प्रभावित करती हैं, ऐसे में एसिड रिफ्लक्स की परेशानी से बचने के लिए पेट को सेहतमंद बनाना जरुरी हो जाता है. पेट और पूरी बॉडी की तंदुरुस्ती के लिए योगासन मददगार साबित हो सकते हैं. आइए जानते हैं, कुछ योगासन जो एसिड रिफ्लक्स से लड़ने में फायदेमंद होते हैं.
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एसिड रिफ्लक्स की समस्या में लाभदायक योगासन :
अधो मुख स्वानासन :
स्टाइल क्रेज डॉट कॉम के अनुसार इस योगासन में कुत्ते के शरीर की आकृति बनाई जाती है, जिसमें शरीर का वजन दो हाथ और पैरों पर होता है. अधो मुख स्वानासन करने में जितना आसान है, पेट के लिए उतना ही कारगर भी है. यह आसन पेट को ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है जिससे एसिडिटी के दौरान होने वाली जलन से राहत मिलती है.
वीरभद्रासन :
पेट को मजबूत बनाने के लिए इस योगासन की मदद ली जा सकती है. वीरभद्रासन के नियमित अभ्यास से डाइजेस्टिव सिस्टम के साथ ही बॉडी के सारे ऑर्गन दुरुस्त बनते हैं जिससे बॉडी को प्रॉपर फंक्शनिंग में मदद मिलती है. एसिड रिफ्लक्स से राहत पाने के लिए वीरभद्रासन एक कारगर उपाय हो सकता है.
अर्ध मत्स्येंद्रासन :
बॉडी से हानिकारक टॉक्सिंस को बाहर कर ब्लड सर्कुलेशन को मजबूत करने के लिए अर्ध मत्स्येंद्रासन का अभ्यास किया जा सकता है. ऑक्सीजन की सप्लाई अच्छी होने से डाइजेस्टिव सिस्टम स्ट्रॉन्ग होता है और अपना काम अच्छे से कर पाता है जिसके चलते एसिडिटी की समस्या में गिरावट आती है.
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बालासन :
बॉडी को सही फिजिकल एक्टिविटी के साथ ही रिलैक्सेशन की भी जरूरत होती है. बालासन पेट को मसाज देने का काम करता है, जिससे डाइजेस्टिव ऑर्गेंस को राहत मिलती है और वे मजबूती से अपना काम कर पाते हैं. इससे एसिडिटी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है.
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Tags: Health, Health benefit, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : December 23, 2022, 14:30 IST
