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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल से हार्ट अटैक के खतरे का लग सकेगा पूर्वानुमान – स्टडी

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल से हार्ट अटैक के खतरे का लग सकेगा पूर्वानुमान - स्टडी


Artificial intelligence tool may help predict heart attacks : हार्ट अटैक (Heat Attack) कब, किसे और कहां आ जाए ये पता नहीं. आजकल तो छोटी उम्र में ही लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. हार्ट अटैक के  खतरे को भांपने की कोई भी सटीक जांच अब तक उपलब्ध नहीं है. ऐसे में अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सीडर-सिनाई मेडिकल सेंटर (Cedars-Sinai Medical Center) की स्टडी में रिसर्चर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (artificial intelligence) आधारित एक ऐसा टूल बनाया है, जिससे हार्ट अटैक की आशंका का आसानी से पूर्वानुमान लगाया जा सकता है. इस स्टडी में बताया गया है कि ये टूल हार्ट को ब्लड की आपूर्ति करने वाली धमनी (artery) में जमने वाली मैल की परत यानी प्लैक (plaque) की संरचना और उसकी मात्रा के आधार पर अगले पांच वर्षों में हार्ट अटैक के खतरे का पूर्वानुमान लगा सकेगा. दरअसल आर्टरी प्लैक के निर्माण से संकरी हो जाती है, जिसकी वजह से कारण हार्ट तक ब्लड पहुंचने में कठिनाई पैदा होती है और इसी वजह से हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है. कोरोनरी कंप्यूटेड टोमोग्राफी एंजियोग्राफी (CCTA) एक ऐसी मेडिकल जांच है, जिसके जरिए हार्ट और आर्टरी की 3डी इमेज ली जाती है और उसके आधार पर डॉक्टर ये अनुमान लगाते हैं कि धमनी कितनी संकरी हो गई है या सिकुड़ गई है.

लेकिन अभी भी कोई सामान्य, ऑटोमेटिक और फास्ट सिस्टम नहीं है, जिससे कि सीटीए इमेज में दिखने वाले प्लैक को मापा जा सके. इस स्टडी का निष्कर्ष ‘द लैंसेट डिजिटल हेल्थ (The Lancet Digital Health’ में प्रकाशित किया गया है.

क्या कहते हैं जानकार
इस स्टडी की ऑथर और सीडर-सिनाई स्थित बायोमेडिकल इमेजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट में क्वांटिटेटिव इमेज एनालिसिस लैब की निदेशक दामिनी डे (Damini Dey) ने बताया कि पूरी तरह ऑटोमेटिक तरीका नहीं होने से अक्सर कोरनरी प्लैक (coronary plaque) का मापन नहीं हो पाता है. जब विशेषज्ञ इसे मापने की कोशिश भी करते हैं, तो उसमें 20 से 30 मिनट का समय लग जाता है. लेकिन हमारे इस प्रोग्राम के इस्तेमाल से हम सीसीटीए इमेज से प्लैक की मात्रा का 5 से 6 सेकंड में पता लगा सकते हैं.

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कैसे हुई स्टडी
रिसर्चर्स ने ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान, स्कॉटलैंड और अमेरिका में 11 जगहों पर कोरोनरी सीसीटीए टेस्ट कराने वाले 1196 लोगों के सीसीटीए इमेज का विश्लेषण किया, जिसमें एआई अल्गोरिद्म का भी इस्तेमाल किया गया. इनमें 921 लोगों की रिपोर्ट का डॉक्टर भी विश्लेषण कर चुके थे.अल्गोरिद्म सबसे पहले 3डी इमेज में कोरोनरी आर्टरी की आउटलाइनिंग करता है. उसके बाद उसमें ब्लड और प्लैक की पहचान करता है.

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रिसर्चर्स ने पाया कि इस टूल से किया गया मापन कोरोनरी सीसीटीए में देख गए प्लैक की मात्रा से मेल खाता है. उन्होंने इसकी पुष्टि इंट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड (intravascular ultrasound) और कैथेटर आधारित कोरोनरी एंजियोग्राफी (coronary angiography) जैसे टेस्ट के परिणामों से भी की. ये दोनों टेस्ट आर्टरी में प्लैक आंकलन के सटीक तरीके हैं.

स्टडी में क्या निकला
अंत में रिसर्चर्स ने पाया कि एआ अलगोरिद्म से किए गए सीसीटीए इमेज के आंकलन से पांच साल के लिए 1611 लोगों के हार्ट अटैक के हार्ट अटैक के जोखिम का सटीक पूर्वानुमान मिला. ये सभी लोग स्कॉट-हार्ट ट्रायल का हिस्सा रहे थे. दामिनी डे (Damini Dey का कहना है कि इस दिशा में अभी और स्टडी की जरूरत है. लेकिन इसकी पूरी संभावना है कि हम प्लैक की मात्रा और उसकी संरचना के आधार पर जल्द ही इसका पूर्वानुमान लगाने में सक्षम होंगे कि किसी व्यक्ति को कितनी जल्द हार्ट अटैक का खतरा है.

Tags: Health, Health News, Lifestyle



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