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आरएसवी है एक गंभीर इंफेक्शन, जानिए इसके कारण, बचाव और बच्चों में लक्षण

आरएसवी है एक गंभीर इंफेक्शन, जानिए इसके कारण, बचाव और बच्चों में लक्षण


हाइलाइट्स

आरएसवी इन्फेक्शन बच्चों के रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित करता है.
बच्चों में वायरस के संपर्क में आने से सर्दी जुखाम जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं.
इन्फेक्शन से बचाव के लिए बच्चों को पॉल्यूशन और स्मोक से बचाकर रखें.

Causes and treatment of RSV infection in kids : नवजात शिशुओं में सर्दी जुखाम के लक्षण किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं. बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और उन्हें स्वस्थ रहने के लिए ज्यादा केयर और बचाव की जरूरत होती है. आरएसवी बच्चों को प्रभावित करने वाला एक घातक वायरस है जो नवजात शिशुओं में गंभीर इंफेक्शन का कारण बन सकता है. ये वायरस लंग्स और रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट की समस्याएं पैदा करता है, जिससे बच्चों में सर्दी, जुखाम या बुखार जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं. उम्र के हर पड़ाव पर आरएसवी इन्फेक्शन हो सकता है, लेकिन बच्चों में इसका खतरा ज्यादा रहता है.

बच्चों में थकान, चिड़चिड़ापन, सांस लेने में तकलीफ, स्किन का नीला पड़ना, सरदर्द, खांसी, छींक आना, नाक बहना या निमोनिया और ब्रोंकाइटिस जैसे लक्षणों से आरएसवी इन्फेक्शन की पहचान की जा सकती है. आइए जानते हैं, बच्चों में आरएसवी इन्फेक्शन के क्या क्या कारण हो सकते हैं:

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आरएसवी इन्फेक्शन के कारण
मायो क्लीनिक डॉट कॉम के मुताबिक आरएसवी एक तरह का वायरस है जो हवा के साथ बच्चों की नाक, आंख या मुंह तक पहुंच सकता है. बॉडी के साथ डायरेक्ट कॉन्टैक्ट होने पर ये इन्फेक्शन का रुप ले लेता है.

-आरएसवी एक संक्रामक समस्या है और बच्चे इंफेक्टेड लोगों के संपर्क में आने से भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. खांसी, छींक या हाथ मिलाने से भी आरएसवी इन्फेक्शन फैल सकता है.

-बच्चों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है और ठीक होने के बाद भी इन्फेक्शन फैलने के संभावनाएं रहती हैं. बच्चों के खिलौने और सामान पर भी वायरस घंटों तक रहता है और दूसरों में फैल सकता है.

-हार्ट या लंग प्रॉब्लम से जूझते लोगों को भी आरएसवी इंफेक्शन से संक्रमित होने का खतरा रहता है.

-कमजोर इम्युनिटी, कैंसर या न्यूरोमस्कुलर डिसऑर्डर भी इस इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं.

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-आरएसवी इंफेक्शन से बचाव के लिए बच्चों को निगरानी में रखा जाना चाहिए. इसके लिए दिए गए उपाय अपनाए जा सकते हैं :

-बच्चों के हाथ समय समय पर धुलवाते रहें ताकि इंफेक्शन हाथों के जरिए रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट तक ना पहुंच सके.

-बच्चों के खिलौने और बाकी जरूरत का सामान सैनिटाइज करते रहें. घर का सामान साफ रखें और बच्चों को बाहर ले जाते समय धूल मिट्टी से बचाए रखें.

-सिगरेट का धुआं बच्चों को आरएसवी इन्फेक्शन की गिरफ्त में ला सकता है, बेहतर होगा की बच्चों के आस पास स्मोक ना करें जिससे उन्हें इन्फेक्शन के खतरे से बचाया जा सके

Tags: Health, Lifestyle



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