स्वास्थ्य

आज-कल नौजवानों में भी बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा, दिल को सेहतमंद रखने के लिए उठाएं ये कदम

हृदय रोग के जोखिम को कम करते हैं ये सप्लीमेंट्स, रिसर्च में हुआ खुलासा


नई दिल्ली. हाल के समय में युवाओं के बीच हार्ट अटैक (Heart Attack) की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. ज्यादातर भारत में पिछले दस वर्षों के भीत युवा व्यस्कों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा निश्चित रूप से तेजी से बढ़ा है. जिम हो या फिर राह चलते युवा हार्ट अटैक के चलते अपनी जान गंवा रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों (Health Expert) का मानना है कि दिल का दौरा उन रोगियों में आम है, जिनके घर में पारिवारिक मोटापा है या फिर जिनको विरासत में हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) मिला हुआ है. यानी कि जिनके परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल की शिकायत रही हो. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि युवाओं में दिल के दौरे का सबसे आम कारण धूम्रपान है. धूम्रपान के चलते 20 और 30 के उम्र में हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा बढ़ जाता है.

जिम में लोगों को आने लगा है हार्ट अटैक
इसके अलावा हार्ट अटैक (Heart Attack) के महत्वपूर्ण कारणों में से एक है अत्यधिक तनावपूर्ण जीवन शैली और जिम में जरूरत से ज्यादा शारीरिक गतिविधी. पिछले कुछ महीनों में जिम के अंदर हार्ट अटैक के कई मामले सामने आए हैं. मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (Raju Shrivastava) को भी जिम में कसरत करने के दौरान दिल का दौरा पड़ गया था. इसके बाद से सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि आखिर जिम में इतनी मौतें क्यों हो रही हैं?

स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर लोग नहीं बदलते अपनी लाइफस्टाइल
हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में बोनात्रा के फिजिशियन डॉ विमल एस ने कहा, “मरीजों के बीच मैंने नियमित रूप से जिन चीजों पर ध्यान दिया है, उनमें से एक यह है कि जब भी पीठ दर्द, आसन से संबंधित मुद्दों या तनाव जैसे स्वास्थ्य संबंधी (Health Problem) समस्याएं होती हैं, तो वे अपनी समस्याओं के लिए केवल एक अल्पकालिक इलाज यानी कि त्वरित राहत के लिए इलाज कराते हैं. लेकिन अपनी समस्या से छुटकारा पाने के लिए लाइफस्टाइल (Lifestyle) में बदलाव नहीं करते हैं.’

तनावपूर्ण जीवन जीना बंद करें
उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के खतरे से बचने के लिए तनाव पूर्ण जीवन शैली जीना शुरू करें. लेट नाइट शिफ्ट, अनियमित स्लिप साइकिल के चलते भी तनाव बढ़ता जाता है. व्यायाम स्वस्थ हृदय का एक अहम हिस्सा है. यानी कि थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करते रहें. क्योंकि जब आप चलते हैं तो आपके शरीर की चर्बी टूट जाती है. किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि नहीं करने पर शरीर में वसा (फैट) बनने लगती है, जिससे गंभीर समस्या हो सकती है. स्वस्थ खाएं लेकिन किसी स्पेशलिस्ट के गाइड किये बिना कोई भी डाइट ना अपनाएं. प्रोफेशनल डाइटिशियन के दिशा-निर्देशों के बिना, स्वस्थ रहने के लिए कुछ भी खाने से परहेज करें.

Tags: Health, Heart attack



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