स्वास्थ्य

अगर शरीर में विटामिन डी ज्यादा हो जाए, तो ये हो सकते हैं नुकसान, इसे संतुलित करना जरूरी

अगर शरीर में विटामिन डी ज्यादा हो जाए, तो ये हो सकते हैं नुकसान, इसे संतुलित करना जरूरी


हाइलाइट्स

विटामिन डी को सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है.
विटामिन डी की कमी के कई नुकसान हैं, तो इसकी अधिक मात्रा भी हानिकारक हो सकती है.
विटामिन डी की अधिक मात्रा नुकसानदायक है और यह गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है.

Vitamin D: विटामिन डी को सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी स्किन सनलाइट के एक्सपोजर में विटामिन डी बनाती है. विटामिन डी को हम कुछ खाद्य पदार्थों से भी पा सकते हैं. यह एक फैट-सॉल्युबल विटामिन है, जो शरीर को कैल्शियम और फॉस्फोरस एब्जॉर्ब और रिटेन करने में मदद करती है. यह दोनों हमारी हड्डियों के लिए जरूरी है. इसके साथ ही इस विटामिन के कई अन्य फायदे भी भी हैं. पर्याप्त विटामिन डी लेना हमारे हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण हैं. अगर इसकी कमी के नुकसान हैं, तो अधिक मात्रा भी हानिकारक हो सकती है. आइए जानें आपको विटामिन डी की सही मात्रा क्यों लेनी चाहिए और क्या इसकी अधिक मात्रा नुकसानदायक भी हो सकती है?

विटामिन डी की सही मात्रा क्यों लेनी चाहिए?
हेल्थ लाइन के अनुसार विटामिन डी की सही मात्रा हमारे लिए बहुत जरूरी है. इसकी कमी होने से बोन डेंसिटी कम हो सकती है, जिससे फ्रैक्चर या ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं हो सकती है. इसकी बहुत अधिक कमी से अन्य डिजीज भी हो सकती हैं. बच्चों में यह रिकेट्स का कारण बन सकती है जो एक दुर्लभ बीमारी है. अगर शरीर में पर्याप्त विटामिन डी नहीं होगा, तो हड्डियां पतली और भंगुर हो सकती है. यानी बहुत जल्दी टूट सकती हैं. 

क्या विटामिन डी की अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है?
मायो क्लिनिक की मानें तो शरीर में विटामिन डी की अधिक मात्रा के कारण होने वाली समस्या को विटामिन डी टॉक्सिसिटी कहा जाता है. यह एक गंभीर और दुर्लभ समस्या है. विटामिन डी टॉक्सिसिटी आमतौर पर विटामिन डी सप्लीमेंट्स की अधिक डोज के कारण होती है. यह परेशानी डाइट या सन एक्सपोजर से नहीं होती. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी बॉडी सन एक्सपोजर में आने से प्रोड्यूज होने वाली विटामिन डी की मात्रा को नियंत्रित करती है. यहां तक की फोर्टिफाइड फूड्स में भी अधिक मात्रा में विटामिन डी नहीं होता है. शरीर में विटामिन डी की अधिक मात्रा होने से वोमिटिंग, कमजोरी और लगातार यूरिनेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके साथ ही इससे बोन पेन और किडनी प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. इसके उपचार में डॉक्टर रोगी को विटामिन डी इंटेक को रोकने और डाइटरी कैल्शियम को सीमित मात्रा में लेने की सलाह देंगे. इसके साथ ही रोगी को कुछ दवाईयां भी दी जा सकती हैं.

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Tags: Health, Lifestyle



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