मनोरंजन

Randeep Hooda stated that boycott culture cannot affect a film | किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए लांघ जाते हैं सारी हदें

open-button


locationजयपुरPublished: Dec 06, 2022 09:17:42 am

सिनेमा हो या ओटीटी, अब दमदार कंटेंट होना जरूरी

किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए लांघ जाते हैं सारी हदें

किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए लांघ जाते हैं सारी हदें

रणदीप हुड्डा बहुत चुनिंदा फिल्में करते हैं। अपने किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए वह सारी हदें लांघ जाते हैं। सरबजीत में हड्डियों के ढांचे वाले शरीर में ट्रांसफॉर्म होना हो या दो लफ्जों की कहानी में बॉक्सर बनना हो, या बागी 3 में जिप्सी लुक रणदीप ने अपने किरदारों से दर्शकों के दिल में अलग पहचान बनाई है। अब 9 दिसंबर को रणदीप, अपने पहले ओटीटी डेब्यू कैट में खबरी गुरनाम सिंह के रूप में आ रहे हैं। नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने वाली इस वेब सीरीज में रणदीप काफी इंटेंस नजर आ रहे हैं। हाल ही इसके प्रमोशन के दौान उन्होंने ओटीटी बनाम सिनेमा की बहस पर अपनी राय रखी।



Source

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top