मनोरंजन

Legendary Musician’ Bappi Lahiri’s ashes immersed in Hooghly | मशहूर संगीतकार बप्पी लहरी की अस्थियां हुगली में की गई विसर्जित

open-button


बप्पी लाहिरी के बेटे बप्पा लहरी, पत्नी चित्रानी और बेटी रीमा लाहिरी ने कोलकाता के आउट्राम घाट पर प्रसिद्ध संगीत निर्देशक और गायक की अस्थियां विसर्जित की।

Published: March 04, 2022 12:00:02 am

बॉलीवुड के ‘किंग ऑफ डिस्को’ कहे जाने वाले बप्पी लहरी की अस्थियों को गुरुवार को गंगा की एक सहायक नदी हुगली में विसर्जित कर दिया गया। उनके बेटे बप्पा लहरी, पत्नी चित्रानी और बेटी रीमा लाहिरी ने प्रसिद्ध संगीत निर्देशक और सिंगर की अस्थियां कोलकाता के आउट्राम घाट से एक नाव की सहायता से उनके अंतिम यात्रा पर ले गए और 16 दिन बाद उनकी अस्थियों को पवित्र नदी के पानी में विसर्जित कर दिया।

bappi_lahri_2.jpg

परिवार ने दिन में पहले मुंबई से उड़ान भरी और एक पुजारी द्वारा ‘मंत्र’ (प्रार्थना) के जाप के बीच धार्मिक अनुष्ठान किया। परिवार की मदद के लिए राज्य की ओर से पश्चिम बंगाल के मंत्री सुजीत बोस भी वहां मौजूद थे।

आपको बता दें, बप्पी के पिता अपरेश लहरी की अस्थियों को भी इसी नदी में विसर्जित किया गया था, इस नदी को हिंदुओं द्वारा पवित्र माना जाता है। 27 नवंबर 1952 को बंगाली शास्त्रीय गायक अपरेश और बंसुरी लहरी के घर पैदा हुए बप्पी लाहिरी का 15 फरवरी को मुंबई में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से हुई थी।

बॉलीवुड इंडस्ट्री में उन्हें लोग ‘दा’ कहकर पूकारते थें, दा1980 के दशक में हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में आए, उनके डिस्को नंबरों के साथ, जो उनकी सिग्नेचर ट्यून बन गई, जिससे उस युग के किशोर भारतीयों के बीच उनके लाखों प्रशंसक बन गए। उनका संगीत पूर्व सोवियत संघ और कई एशियाई देशों में भी लोकप्रिय हुआ।

यह भी पढ़ें

दर्शक लगा रहे अंदाजा, कार्तिक, नायरा और सीरत अभी भी ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ का हिस्सा हैं!

1982 की हिट फिल्म ‘डिस्को डांसर’ के शीर्षक गीत “आई एम ए डिस्को डांसर” ने पूर्व नक्सलाइट आर्ट फिल्म नायक मिथुन चक्रवर्ती को एक नए ‘अवतार’ में दिखाया, जिसने उन्हें बॉलीवुड की व्यावसायिक सफलता की कहानियों में मजबूती से रखा।

हालांकि, उन्होंने बॉलीवुड के लिए और भी भावपूर्ण गाने गाए जिनमें ‘इंतहा हो गई’ और ‘मंजिलें अपनी जगह’ अपनी जगह शामिल हैं। उनके बंगाली गाने जिनमें ‘आज ए दिनटेक’ (आज का दिन), ‘बोल्ची तोमर केन, केन’ शामिल हैं, वो ‘आधुनिक बंगाली संगीत’ नामक लोकप्रिय शैली के थे।

यह भी पढ़ें

‘साथ निभाना साथिया 2’ में कमबैक करने वाले हैं हर्ष नागर!

newsletter

अगली खबर

right-arrow





Source

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top