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Now the central government can also ban the export of rice | अब चावल के निर्यात पर भी रोक लगा सकती है केंद्र सरकार, PMO की एक्सपर्ट कमेटी का सुझाव

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दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है। चीन के बाद भारत में सबसे अधिक चावल की पैदावार होती है। भारत ने साल 2021-22 में दुनियाभर के 150 देशों को चावल का निर्यात किया था। पर मौजूदा वर्ष में महंगाई चिंता बनी हुई है। भारत में खुदरा महंगाई की दर अप्रेल में 8 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। मोदी सरकार महंगाई पर काबू पाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।समिति ने सुझाव दिया है कि अगर चावल की कीमत में वृद्धि की कोई भी संभावना नजर आती है तो निर्यात पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया जाए। एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार 5 प्रोडक्ट्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रही है। इसमें गेहूं और चीनी पहले से ही कवर किए गए हैं। समिति हर प्रोडक्ट पर मीटिंग कर रही है और जरूरी एक्शन का सुझाव दे रही है।

देश में ऐसे बढ़ा है धान का उत्पादन

वर्ष पैदावार

2015-17 10.44

2016-17 10.97

2017-18 11.27

2018-19 11.64

2019-20 11.88

2020-21 12.22

2021-22 12.79

(आंकड़े करोड़ टन में)

चावल का श्रेणीवार निर्यात और उत्पादन, एक नजर में

  • 2.11 करोड़ टन चावल भारत ने वर्ष 2021-22 में किया निर्यात
  • 1.72 करोड़ टन यानी 6.11 अरब डॉलर का गैर-बासमती चावल भारत ने निर्यात किया
  • 12.8 करोड़ टन धान की पैदावार होने की उम्मीद 2021-22 में
  • 3.33 करोड़ टन चावल और 1.70 करोड़ टन धान का स्टॉक सरकार के पास
  • 40% हिस्सेदारी है चावल की भारत के कुल आनाजों के निर्यात में





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