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Electric Scooty catch fire: Ajmer, Bokaro of Jharkand and Bhopal | Electric Scooty catch fire: अजमेर, भोपाल, बोकारो…पिछले 72 घंटों में कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लगी आग

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जब झारखंड के बोकारो में लोगों ने बताया, स्कूटी में लग चुकी थी, भागे सवार इसी तरह की खबर झारखंड के बोकारो से आई है जहां रविवार को एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग (electric scooter caught fire in Bokaro, Jharkhand) लग गई और धमाके होने लगे। स्कूटी पर सवार युवकों ने भागकर जान बचाई। स्थानीय लोगों की मदद से गाड़ी में लगी आग को बुझाया गया लेकिन तब तक गाड़ी राख खो चुकी थी। प्राप्त, जानकारी के मुताबिक बोकारो स्टील सिटी सेक्टर 3 में एक मई को दो युवक स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे। अचानक स्कूटी में आग लग गई । बताया जा रहा है कि आग की लपट और धुआं देख लोगों ने उन्हें आगाह किया। गाड़ी रोक कर लड़के उतर कर अलग हो गए। देखते ही देखते स्कूटी में पूरी तरह से आग लग गई और बैटरी फटने (Electric scooter caught fire and battery blasted) की वजह से धमाका भी हुआ।स्थानीय मेकेनिक ने बताया कि बैटरी की वजह से स्कूटी में आग लगी। स्थानीय लोगों की मदद से आग को बुझाया जा सका।

भोपाल में दो सप्ताह में आग लगने की दूसरी खबर उधर भोपाल में भी इसी तरह की एक और खबर आई है। पहले भी शहर से इस तरह की खबरें आ चुकी हैं। यहां, सेल्फ मारते ही एक और स्कूटी में आग लग गई (electric scooter caught fire in Bhopal, Jyoti Talkies)। देखते ही देखते स्कूटी धूं – धूं कर जल उठी। अच्छी बात ये रही कि हादसे में इंजीनियरिंग का स्टूडेंट बाल बाल बच गया बताया जा रहा है। मामला भोपाल के ज्योति टॉकीज चौराहे पर दो मई का है, घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इसके पहले, राजधानी भोपाल के निशातपुरा इलाके में भी इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने का मामला सामने आया था। बताया जा रहा कि चार्जिंग (Electric scooter caught fire while charging)के दौरान अचानक आग लग गई। आग लगने से स्‍कूटर जलकर खाक हो (electric scooter caught fire in bhopal) गया। बताया जा रहा है कि स्‍कूटर भोपाल क्राइम ब्रांच में पदस्‍थ कॉन्‍सटेबल का था, उसने दो महिने पहले ही स्‍कूटर खरीदा था। स्कूटर रात 10 बजे घर की पार्किंग में चार्जिंग में लगा था। परिवार के सभी सदस्य घर में थे। तभी अचानक पार्किंग में तेज धमाका हुआ। नीचे जाकर देखा तो बिजली बोर्ड और स्कूटर जल रहा था। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, जिसने आग पर काबू पाया। हालांकि कुछ ही देर में ही पूरा स्कूटर जल गया, सिर्फ लोहे का ढांचा बचा। मामले में एफआईआर भी हुई थी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की खबरें आ चुकी हैं। इस तरह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे हैं, ऐसे ही कुछ वायरल वीडियो हम आपको नीचे दिखा रहे हैं….

जब एक साथ 40 ई-स्कूटरों में लग गई थी आग

इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की इस तरह की सबसे बड़ी दुर्घटना महाराष्ट्र के नासिक में बताई जाती है। जब जितेंद्र इलेक्ट्रिक- व्हीकल के कम से कम 40 ई स्कूटरों में एक साथ आग लग गयी। कंपनी ने इस घटना के जांच के आदेश दिए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नासिक में नौ अप्रैल को एक कंटेनर में जितेंद्र इलेक्ट्रिक के कम से कम 40 वाहनों में आग लग गयी। ये वाहन बेंगलुरु ले जाये जा रहे थे। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था। बता दें, केंद्र सरकार ने गत सप्ताह ही ओला इलेक्ट्रिक और ओकिनावा स्कूटर की तकनीकी टीम से जवाब तलब किया और कई कंपनियों ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन वापस मंगाए हैं। ओकिनावा के ई बाइक में आग लगने से तमिलनाडु के वेल्लूर में दो लोगों की मौत भी हो गयी थी।

scooter_catch_fire.jpgक्या गरम देशों के लिए अलग बैटरी की होगी जरूरत?

इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के हादसों के बीच सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ई-स्कूटरों में आग क्यों लग रही है। जानकर इसके लिए बैटरी को ही जिम्मेदार बताते हैं। उनका कहना है कि ई-स्कूटर्स में बैटरी ही ऐसा हिस्सा है, जहां आग लग सकती है। इसे लेकर कड़े सुरक्षा नियम और सावधानी अपनाए जाने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि लिथियम आयन बैटरी वाले टू व्हीलर को कठोर परीक्षण के बाद ही बाजार में बिक्री के लिए उतारने की इजाजत होने चाहिए। जानकारों का यह भी कहना है कि गाड़ी चलाने के तुरंत बाद उसे चार्जिंग में नहीं लगाना चाहिए।
यह भी माना जा रहा है कि, भारत जैसे देश में जहां तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है वहां थर्मल रनवे की वजह से बैटरियों का टेंपरेचर 90-100 डिग्री तक पहुंच सकता है, जिससे आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। भारत के मौसम को ध्यान में रखकर डिजाइन नहीं करने और विदेशों से आयात बैटरियों की वजह से आग लगने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। जानकारों का स्पष्ट मानना है कि इससे बचने के लिए इन बैटरियों को भारत के वातावरण को ध्यान में रखकर देश में ही बनाया जाना चाहिए। साथ ही , कहा जा रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माता इन बैटरियों को बड़ी संख्या में चीन से आयात करते हैं, जहां से खराब BMS क्वॉलिटी वाली बैटरियां आती हैं, जिससे बैटरियों में आग लगने समेत कई दिक्कतें आती हैं।





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