धर्म-ज्योतिष

Yagya- शिव शक्ति का प्रतीक है: यिन यांग यज्ञ!

script



एक ओर जहां भारत में नकारात्मक शक्ति से निजाद के लिए वास्तु शास्त्र के टिप्स का उपयोग किया जाता है तो वहीं चीन में समृद्धि के लिए फेंगशुई के नियमों के पालन की बात सामने आती है, ऐसे में जान लें कि फेंगशुई चीन का वास्तु शास्त्र माना जाता है। इन्हीं सब के बीच भारत और चीन आध्यात्मिक संबंधों की बहाली के लिए हाल ही तमिलनाडु में डिंडिगुल जिले के पलानी में भगवान मुरुगा मंदिर परिसर में इस यज्ञ का आयोजन किया गया।

इस आयोजन से जुड़े लॉयन मयूरा रॉयल किंगडम (एलएमआरके) संगठन के संस्थापक रिजित कुमार का कहना है कि पूर्वी एशिया के देशों की भू-राजनीति को भारत के अनुकूल बनाने के लिए पंच भूतों और यिन-यांग (शिव-शक्ति) ऊर्जा के वायु (वायु) तत्व पर आधारित यज्ञ किया गया।

yagya_for_shiv_shakti.jpg

पलानी में यज्ञ करने के बारे में वे कहते हैं कि यहां योगी भोगर सिद्ध की तरफ से बनाई गई भगवान मुरुगा की मूर्ति ‘पदार्थ यानी मैटर’ की है। उनकी ही बनाई भगवान मुरुगा की दूसरी मूर्ति ‘एंटीमैटर’ की है। उन्होंने दिव्य स्त्री ऊर्जा (यिन) और दिव्य पुरुष ऊर्जा (यांग) को संतुलित करने के लिए इन मूर्तियों को रणनीतिक रूप से रखा है।

फेंगशुई और वास्तु टिप्स के नियम ऐसे समझें-

सुख-समृद्धि के लिए- फेंगशुई के नियमों के मुताबिक ड्रॉइंग रूम में सोफा इस तरह सेट न करें कि उसके पीछे का हिस्सा कमरे की दरवाजे की तरफ हो।

पौधे गोलाकार पत्तियों वाले घर में लगाएं। नुकीली पत्तियों वाले पौधे बिलकुल भी न लगाएं। फेंगशुई के अनुसार चैड़े पत्ते वाले पौधों को घर में लगाने से सकारात्मक माहौल बनता है। चैड़े पत्ते वाले पौधे घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करते हैं।

feng_shui_and_vastu.jpg

मछलियों का सुंदर सजावटी जोड़ा मुख्य द्वार के पास लटकाएं। यह समृद्दिकारक माना जाता है।

वास्तु टिप्स- यदि वास्तु के अनुसार चलते हैं तो तुलसी का पौधा घर की छत पर न रखें। इससे वास्तु दोष जुड़ा होता है। घर में तुलसी को आंगन या बालकनी में लगाना ठीक माना जाता है। इसी तरह दूब को पूर्व या फिर उत्तर दिशा में लगाने का संबंध आर्थिक स्थिति से है।



Source

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top