धर्म-ज्योतिष

Republic Day 2023: कैसा होगा भारत का भविष्य, जानें क्या कहते हैं ज्योतिषी

Republic Day 2023: कैसा होगा भारत का भविष्य, जानें क्या कहते हैं ज्योतिषी



Republic Day India: भारत का भविष्य क्या होगा, यह जानने से पहले बता दें कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान लागू किया था (What Is Republic Day)। उसी की स्मृति (indian constitution) में हम हर साल इस दिन गणतंत्र दिवस मनाते हैं। इस उत्सव के महत्व को समझते हुए हम ग्रहों की स्थिति और ग्रह गोचर के देश पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, पेश कर रहे हैं इसका ज्योतिषीय भविष्यवाणी (Astrological Prediction India)।

ज्योतिषियों की नजर में कैसा हो सकता है भारत

राजनीतिः मार्च 2023 में मंगल गोचर होने वाला है। इसका असर अभी से दिखाई देने लगा है। एक पूर्वी राज्य में गठबंधन में मनमुटाव की खबर आने लगी है। ग्रहों के संकेत के अनुसार जनवरी से मई के बीच देश के कई राज्यों की सरकार में बदलाव हो सकता है। अप्रैल में बृहस्पति का मेष राशि में गोचर होगा, जिससे गुरु चांडाल योग बनेगा। त्रिपुरा, मेघालय, कर्नाटक, एमपी, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राजस्थान राज्यों में चुनावों के साथ राजनीतिक परिदृश्य बदल सकता है।

शनि मंगल गोचर, दृष्टि राहु एवं बृहस्पति प्रभाव के कारण सरकार कुछ ऐसे निर्णय ले सकती है, जिससे जनता अशांत होगी, लेकिन सरकार काबू पा लेगी। इसके अलावा न्याय के ग्रह शनि कुंडली के दसवें भाग में गोचर के बाद मार्च 2023 के बाद सरकार न्यायपालिका में सुधार का प्रयास कर सकती है। महिलाओं के उत्थान की दिशा में सरकार कदम उठा सकती है।

आर्थिक परिदृश्यः अर्थव्यवस्था के लिए वर्ष की शुरुआत अच्छी नहीं है। कच्चा तेल, सब्जी, खाद्य तेल की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है। मार्च 2023 के मध्य में जब मंगल भारत की कुंडली के दूसरे भाव में मिथुन राशि में गोचर करेंगे तो शेयर बाजार में तेजी आ सकती है, अर्थव्यवस्था स्थिर होगी।

इस दौरान जब कई देश मंदी से प्रभावित होंगे, भारत पर इसका असर नहीं होगा। आईटी और फाइनेंस से जुड़े लोगों के सामने चुनौती आ सकती है, हालांकि शेयर बाजार से जुड़ने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है। एक फरवरी 2023 को बजट पेश होगा, इसमें मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग को राहत मिल सकती है। क्योंकि शनि मूल त्रिकोण में गोचर करेंगे। बिजनेस के लिहाज से भी 2023 चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

हालांकि देश के लोगों का झुकाव आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में बढ़ेगा। लेकिन 12वें भाव में राहु की उपस्थिति के कारण कुछ नकारात्मक स्थितियां भी देखने को मिलेंगी। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा।



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