धर्म-ज्योतिष

Read Apara Ekadashi 2022 Vrat Katha During Vishnu Puja For Blessings | मोक्षदायी अपरा एकादशी के दिन ये कथा पढ़ने से सभी पापों से मुक्ति मिलने की है मान्यता

open-button


अपरा या अचला एकादशी व्रत कथा

एक बार की बात है महीध्वज नाम का एक राजा था जो बहुत धार्मिक था। परंतु महीध्वज राजा का छोटा भाई वज्रध्वज उससे बहुत ईर्ष्या करता था। द्वेष में आकर एक दिन मौका मिलते ही वज्रध्वज ने अपने बड़े भाई महीध्वज को मारकर उसे जंगल में एक पीपल के वृक्ष के नीचे गाड़ दिया। लेकिन अकाल मृत्यु की वजह से राजा को मुक्ति नहीं मिली और उसकी आत्मा पीपल के वृक्ष पर ही मंडराने लगी।

महीध्वज राजा की आत्मा वहां से आने जाने वाले लोगों को सताने लगी। तब एक दिन वहां से एक ऋषि गुजरे और राजा की आत्मा को देखने के साथ ही ऋषि ने अपनी शक्तियों द्वारा उसके प्रेत बनने की वजह भी जान ली।

तब ऋषि ने राजा की प्रेत आत्मा को पीपल के वृक्ष से नीचे उतारकर परलोक विद्या का ज्ञान दिया। तत्पश्चात राजा महीध्वज को इस प्रेत योनि से छुटकारा दिलाने के लिए ऋषि ने खुद अपरा यानी अचला एकादशी का व्रत रखा। फिर अगले दिन द्वादशी को व्रत संपूर्ण होने पर व्रत का सारा पुण्य फल महीध्वज की प्रेतात्मा को दिया। अपरा एकादशी के व्रत का पुण्य फल प्राप्त होते ही राजा महीध्वज की प्रेत आत्मा को मुक्ति मिल गई और वह स्वर्गलोक में गमन कर गई।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)

यह भी पढ़ें

गुरुवार और आयुष्मान योग के संयोग ने बनाया अपरा एकादशी को खास, इन उपायों द्वारा करें देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न





Source

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top