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fourth wave of covid 19 starts from Mid of next month in india | COVID 19 Update- देश में अगले महीने आ सकती है कोरोना की चौथी लहर, ज्योतिष में ग्रहों के आंकलन से हुआ ये खुलासा

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भारत में जल्द आ सकती है कोविड -19 की चौथी लहर, जो कई महीनों तक रहेगी जारी!

भोपाल

Updated: March 02, 2022 01:38:52 pm

एक ओर जहां कोविड के आंकडों में लगातार आ रही कमी कुछ राहत की ओर इशारा कर रही है, वहीं ज्योतिषीय ग्रह एक बार फिर भारत में कोरोना की चौथी लहर को लेकर संकेत दे रहे हैं। जो अगले माह (जून 2022) के अंत तक आ सकती है।

4 Wave of Covid 19 in india

4 Wave of Covid 19 in india

ऐसे में ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि कोरोना को अभी तकरीबन खत्म मानकर इसके नियमों की अव्हेलना लोगों को भारी पड़ सकती है। अत: उचित होगा कि अभी लोग सतर्कता से काम लेते हुए संक्रमण से बचाव के लिए कार्य करते रहें।

कोरोना (COVID-19) के काफी कमजोर पड़ने के बाद एक बार फिर देश में इसकी नई लहर के आने का अंदेशा बनता दिख रहा है। इस संबंध में ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि हर बार कमजोर होने के बाद कोरोना पर ग्रहों की दृष्टि उसे पुन: सिर उठाने का अवसर प्रदान करती लंबे समय से दिख रही है।

ऐसे में जब जब हम कोरोना के खत्म होने के बारे में सोचते हैं तब तब कुछ ग्रह इसे पुन: शक्ति प्रदान कर जागृत कर देते हैं। ऐसी ही अवस्था एक बार फिर होती दिख रही है।

दरअसल जहां देश में कई जगहों पर कोरोना की पाबंदियों में इस समय नर्मी बरती जा रही है। वहीं ज्योतिष के जानकारों के अनुसार एक बार फिर अगले माह में ग्रहों की दशा व दिशा इसे प्रबल करती दिख रही है। ऐसे में मुमकिन है कि भारत में ये लहर जून के मध्य में शुरु हो, तो वहीं ये भी संभव है कि ग्रहों की गति के कारण ये जून अंत या जुलाई शुरु में भी अपना खास प्रभाव दिखाना शुरु कर सकती है। वहीं ये लहर अगस्त के अंत तक अपने चरम पर पहुंच सकती है।

इस संबंध में ज्योतिष के जानकार पंडित एसके उपाध्याय के अनुसार एक तो वैसे ही इस साल कालसर्प योग की स्थिति रहेगी। जबकि स्वतंत्र भारत की कुंडली के रोग भाव में इस दौरान केतु का रहना काफी कष्ट कारक होगा, कारण ये है कि केतु के संबंध में ये माना जाता है कि ये जिस भी भाव में बैठता है, उसे अत्यधिक बढ़ा देता है।

इसके अलावा 27 जून से मेष राशि में मंगल यानि स्वतंत्र भारत की कुंडली के व्यय भाव में मंगल का होना और इसके साथ ही राहु की मौजूदगी इस समय किसी बीमारी पर खर्चे की ओर इशारा करती दिख रही है। ऐसी अवस्था और इन ग्रहों में नक्षत्रों की स्थिति कोरोना की नई लहर की ओर इशारा करती दिख रही हैं। इसके साथ ही स्वतंत्र भारत की कुंडली के लग्न भाव यानि वृषभ में 18 तारीख से शुक्र का आना भी नई जटिल परिस्थितियों का निर्माण करता दिख रहा है।

ज्योतिष के जानकार पंडित एके शुक्ल के अनुसार इसके अलावा शनि की चाल के साथ ही सूर्य की चाल भी इसे कोरोना को बल प्रदान करती दिख रही है। वहीं इस संबंध में पं. शुक्ला का ये भी कहना है कि इस लहर की गंभीरता काफी हद तक टीकाकरण की स्थिति और बूस्टर खुराक पर भी निर्भर करेगी। जबकि इसके आप पर प्रभाव की तीव्रता और घातकता काफी हद तक आपकी कुंडली के ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करेंगी।

वहीं खास बात ये है कि ये कई अन्य तरीकों से उभर सकता है, यानि ये पानी जनित या इस तरह की किसी अन्य चीजों से भी फैलने की क्षमता रख सकता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार इसके पुराने वेरिएंट से काफी अलग व बलशाली होने की संभावना है। साथ ही इसके घातक होने की ज्यादा संभावना है। साथ ही इसके लक्षण भी कुछ अलग हो सकते हैं।

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