धर्म-ज्योतिष

festival list of second week of December means festival calendar | Vrat Tyohar List: दिसंबर 2022 के दूसरे सप्ताह के त्योहारों की पूरी लिस्ट, यहां देखें

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annapurna.jpg05 दिसंबर 2022, सोमवार- प्रदोष व्रत (शुक्ल) हिंदू पंचांग के हर मास में दो बार आने वाले प्रदोष में से इस बार शुक्ल पक्ष का प्रदोष सोमवार को पड़ रहा है। इस बार प्रदोष सोमवार को होने के चलते यह प्रदोष सोम प्रदोष मना जाएगा। प्रदोष का दिन भगवान शिव को उतना ही प्रिय माना गया है, जितनी भगवान विष्णु को एकदशी प्रिय है। मान्यता है कि प्रदोष पर भगवान शिव की पूजा कर उनसे मनचाहा आशीर्वाद भी प्राप्त किया जा सकता है।
Must Read- प्रदोष व्रत (शुक्ल- 05 दिसंबर 2022): अद्भुत योग, जानें इस बार क्या है खास Must Read- Som Pradosh Vrat Dec. 2022- सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल) की पूजा विधि और महत्व 06 दिसंबर 2022, मंगलवार – कार्तिगाई दीपम्

दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला कार्तिगई दीपम एक प्रमुख हिंदू त्यौहार है। तमिल सौर कैलेंडर के आधार पर इस त्यौहार की तिथि तय की जाती है। तमिल कैलेंडर के मुताबिक यह पर्व कार्तिकई माह में आता है। इस पर्व को तमिलनाडु और केरल के लोग दीपावली के समान ही उत्साह के साथ मनाते हैं।

margshreesh.jpg08 दिसंबर 2022, गुरुवार – अन्नपूर्णा जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत,रोहिणी नक्षत्र दिसंबर 2022 की 8 तारीख को तीन प्रमुख त्यौहार मनाए जाएंगे। इस दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत, अन्नपूर्णा जयंती, रोहिणी नक्षत्र हैं। हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि के दिन स्नान-दान का काफी महत्व है। इस पूर्णिमा को अगहन पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन दान करने से 32 गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

वहीं मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा जयंती के रुप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि को ही मां अन्नपूर्णा प्रकट हुई थीं। वहीं जैन समुदाय के लिए रोहिणी नक्षत्र एक महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। 27 नक्षत्रों में से एक को रोहिणी व्रत कहा जाता है। इस व्रत को महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करती हैं।

Must Read- Annapurna Jayanti 2022: अन्नपूर्णा जयंती 8 को, जानें क्या करें व क्या न करें इस दिनsankasti.jpg11 दिसंबर 2022 को संकष्टी चतुर्थी हिंदू पंचांग के मुताबिक हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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